गलती से सीमा पार कर गए थे मछुआरे
विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि हाल ही में, इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन गलती से पार करने वाले भारतीय मछुआरों को बांग्लादेश के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया था। इसी तरह, बांग्लादेशी मछुआरों को भी भारतीय अधिकारियों ने पकड़ा था। अब इन मछुआरों को छोड़ने का फैसला किया गया है।
दोनों सरकारों ने आज (29 जनवरी, 2026) सभी 23 भारतीय मछुआरों और 128 बांग्लादेशी मछुआरों को उनके चालू जहाजों के साथ रिहा करने और वापस भेजने का काम सफलतापूर्वक पूरा किया। इससे पहले जनवरी और दिसंबर 2025 में, भारत सरकार ने 142 भारतीय मछुआरों की रिहाई में मदद की थी। बदले में 128 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा किया था।
मछुआरे के नौकाओं की भी अदला-बदली
दोनों तरफ के मछुआरा समुदायों की मानवीय और आजीविका संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मछुआरों और उनकी नावों की आपसी अदला-बदली की गई है। जेल में रहने के दौरान भारतीय मछुआरों की भलाई पर भारतीय उच्चायोग ने नजर रखी। इसने उन्हें गर्म जैकेट दिए और आवश्यक चीजें मिलने का इंतजाम किया। भारत सरकार भारतीय मछुआरों की सुरक्षा, हिफाजत और कल्याण को सबसे अधिक महत्व देती है।













