पाकिस्तान के राजनीतिक टिप्पणीकार कमर चीमा ने कहा है कि इस्लामाबाद की ओर से ढाका पर जल्दीबाजी नहीं दिखाई जाएगी। वह देखेगा कि उसे ढाका से संबंध बेहतर करने की सूरत में क्या मिल सकता है। कमर चीमा का कहना है कि पाकिस्तान का रुख बांग्लादेश के मामले में जल्दीबाजी का नहीं बल्कि एहतियात (वेट एंड वॉच) से चलने वाला होगा।
बांग्लादेश से पाकिस्तान को क्या फायदा
कमर चीमा ने कहा, ‘पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ क्यों तारिक रहमान की शपथ में शामिल होंगे, अगर उनके पास कुछ खास नहीं है। पाकिस्तान से रिश्ते के लिए ढाका को टेबल पर कुछ लाना होगा। चीमा ने बांग्लादेश और पाकिस्तान के संबंधों में पुरानी खटास को याद करते हुए ’50 साल पुरानी दुश्मनी’ का हवाला दिया। साथ ही भारत के बांग्लादेश से व्यापार रिश्ते को भी शक से देखा है।
पाकिस्तानी आर्मी के करीबी माने जाने वाले कमर चीमा के कमेंट को एक्सपर्ट ने ढाका में पाकिस्तान के दिल की मुराद पूरी ना होने यानी जमात-ए-इस्लामी की सरकार ना बनने की खीज से जोड़ा है। पाकिस्तान के बीएनपी के साथ इतिहास में अच्छे रिश्ते रहे हैं लेकिन उसकी ज्यादा करीबी जमात-ए-इस्लामी के साथ है। ऐसे में वह तारिक रहमान को भी फिलहाल संदेह की नजर से देख रहा है।
पाकिस्तान से अहसान इकबाल जाएंगे ढाका
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पाकिस्तान की तरफ से मंत्री अहसान इकबाल जाएंगे। पाकिस्तानी मीडिया ने कहा है कि शहबाज शरीफ पहले से तय विदेश दौरे की वजह से तारिक के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे। भारत की ओर से लोकसभी स्पीकर ओम बिरला ढाका जा रहे हैं।
भारत और पाकिस्तान के अलावा बीएनपी ने चीन, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका और नेपाल के नेताओं को शपथ ग्रहण में शामिल होने का न्योता दिया है। बांग्लादेश में संसद की 299 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीएनपी को 209 सीटें मिली हैं। जमात-ए-इस्लामी 68 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है।














