पाकिस्तान के चर्चित अखबार डॉन ने अपने संपादकीय में लिखा कि जयशंकर और सादिक के हाथ मिलाने की घटना से पूरे इलाके में हलचल मच गई। डॉन ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वर्तमान हालात को देखते हुए इस मुलाकात या हाथ मिलाने की घटना से हमें बहुत ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। डॉन ने कहा कि हालांकि यह निस्संदेह एक ऐसा महत्वपूर्ण मौका था जिसने तीनों देशों में लोगों का ध्यान खींचा। मोहम्मद यूनुस ने खुद इसकी तस्वीर शेयर कर इसे बड़ी घटना के रूप में दिखाने की कोशिश की। अखबार ने कहा कि पाकिस्तानी मीडिया ने इस हाथ मिलाने को बढ़ा चढ़ाकर दिखाने की कोशिश की।
पाकिस्तान ने भारत को दिया बातचीत का प्रस्ताव
डॉन ने कहा कि रोचक बात यह है कि नैशनल असेंबली के सचिवालय की ओर से ‘हाथ मिलाने’ पर जारी बयान में भारत से बातचीत शुरू करने के लिए गुहार लगाई गई है। इस बयान में कहा गया है, ‘पाकिस्तान लगातार बातचीत, संयम और सहयोगी कदम पर जोर देता है। इसमें शांति वार्ता के लिए प्रस्ताव और पहलगाम हमले के संयुक्त जांच शामिल है ताकि बिना उकसावे के आक्रामक हमले और तनाव भड़कने को रोका जा सके।’ डॉन ने सवाल किया कि यह पाकिस्तान की ओर से भारत को बातचीत के लिए संकेत नहीं माना जा सकता है?
भारत को धमकी दे रहे असीम मुनीर और हाफिज सईद
पाकिस्तान जहां लगातार भारत से बातचीत के लिए गिड़गिड़ा रहा है, वहीं मोदी सरकार ने साफ कह दिया है कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बहेगा। यही नहीं भारत ने कहा है कि जब तक कश्मीर में आतंकवाद बंद नहीं होता है, भारत पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं करेगा। डॉन ने कहा कि केवल हाथ मिलाने से दोनों देशों के बीच रिश्ते में तनाव कम नहीं होगा। एक तरफ पाकिस्तान जहां बातचीत के लिए ऑफर दे रहा है, वहीं लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर लगातार भारत को कश्मीर को लेकर धमकियां दे रहे हैं। हाफिज सईद ने तो यहां तक कह दिया है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर से डरने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा पाकिस्तान के असली शासक फील्ड मार्शल असीम मुनीर भारत को परमाणु धमकी दे रहे हैं और सेना में धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दे रहे हैं।














