करीब एक हफ्ते तक उसकी इलाज की गई, लेकिन डॉक्टर उसकी जान बचाने में नाकाम रहे। बाद में यह पुष्टि हो गई कि मृतक निपाह वायरस से संक्रमित था। WHO ने अपनी जांच में पाया है कि मृतक का कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं था, लेकिन उसने कच्चा खजूर का रस पीया था। माना जा रहा है कि चमगादड़ का उस खजूर के रस से संपर्क हुआ होगा और मरीज भयानक तरीके से इस वायरस के सीधे संपर्क में आया होगा। WHO ने बताया है कि मरीज के संपर्क में आए सभी 35 लोगों पर नजर रखी जा रही है और उनका वायरस टेस्ट नेगेटिव आया है।
निपाह वायरस संक्रमण से बांग्लादेश में एक मरीज की मौत
निपाह एक ऐसा इन्फेक्शन है जो मुख्य रूप से चमगादड़ों से फैलता है। बांग्लादेश में खजूर के पेड़ से जो रस निकाला जाता है, उसे काफी लोग पीते हैं। ये रस अकसर चमगादड़ों के संपर्क में आते हैं और वहीं से ये वायरस फैलता है। निपाह वायरस कितना जानलेवा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 75 प्रतिशत मामलों में मरीजों की मौत होने की आशंका रहती है। हालांकि इस वायरस को लेकर राहत की बात ये है कि ये कोविड की तरह इंसानों से इंसान में नहीं फैलता है।
पिछले दिनों पश्चिम बंगाल में भी निपाह वायरस से संक्रमित दो मरीज मिले थे। जिसके बाद मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और पाकिस्तान सहित कई देशों ने एयरपोर्ट पर टेम्परेचर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। WHO ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमारी फैलने का खतरा कम माना जा रहा है और मौजूदा जानकारी के आधार पर उसने किसी भी यात्रा या किसी तरह के दूसरे प्रतिबंध की सिफारिश नहीं की है। इससे पहले 2025 में बांग्लादेश में लैब में पुष्टि किए गये चार जानलेवा मामले सामने आए थे। फिलहाल इस इन्फेक्शन के लिए कोई खास लाइसेंस्ड दवा या वैक्सीन नहीं है।













