अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को NHRSCL बना रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के बढ़े हुए खर्च के बारे में रेलवे बोर्ड के सीईओ और चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया। उन्होंने कहा कि बढ़े हुए खर्च को अंतिम मंजूरी अभी मिलनी बाकी है, लेकिन यह एक-दो महीने में तय हो जाएगी।
First Bullet Train: कब चलेगी पहली बुलेट ट्रेन? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए साल के पहले दिन तय कर दी तारीख
क्यों आई ऐसी स्थिति?
शुरुआत में इस प्रोजेक्ट का खर्चा करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये तय किया गया था। लेकिन जमीन अधिग्रहण में देरी, जरूरी सरकारी मंजूरियां मिलने में देर और ट्रेनों (रोलिंग स्टॉक) को फाइनल करने में हुई देरी जैसे कई कारणों से प्रोजेक्ट में समय और पैसे दोनों का नुकसान हुआ है।
पिछले हफ्ते रेलवे ने एक बयान जारी किया था। इसमें बताया गया था कि 30 नवंबर तक प्रोजेक्ट का 55.6% काम पूरा हो चुका था और 69.6% पैसा खर्च हो चुका था। 30 नवंबर तक प्रोजेक्ट पर 85,801 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे। सूत्रों से पता चला है कि पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे मंत्रालय के काम की समीक्षा करते हुए प्रोजेक्ट को जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए थे। एक सरकारी विज्ञप्ति में मंत्रालय ने बताया कि यह स्टेशन पालघर जिले में सबसे लंबे स्टेशनों में से एक है। यह वीरार और बोईसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है।
देश के लिए अहम प्रोजेक्ट
यह बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारत के लिए बहुत बड़ा कदम है। इसके पूरा होने से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और देश के विकास को भी गति मिलेगी। हालांकि, बढ़ते खर्च और देरी से चिंताएं भी बढ़ी हैं, लेकिन सरकार इसे जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रही है। यह प्रोजेक्ट भारत को हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा।
पालघर में सुरंग का काम पूरा
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र में पहली सुरंग तैयार हो गई है। डेढ़ किलोमीटर लंबी यह सुरंग महाराष्ट्र के पालघर जिले में है। यह विरार और बोईसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है। रेल मंत्री ने बताया कि एमटी-5 सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से अत्याधुनिक ड्रिल और ब्लास्ट विधि से 18 महीने में पूरा किया गया। यह मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए बनाई जा रही सात पहाड़ी सुरंगों में से पहली और सबसे लंबी है।














