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  • बेंगलुरु के ट्रैफिक से परेशान इंजीनियर ने बनाया AI हेलमेट, पुलिस को भेजेगा नियम तोड़ने वालों के सबूत

    भले बेंगलुरू अपने सुहावने मौसम, आईटी कंपनियों और लाजवाब डोसे के लिए खासा पॉपुलर हो लेकिन एक चीज ऐसी भी है, जिससे लगभग हर बेंगलुरुवासी परेशान रहता है। हम बात कर रहे हैं भयानक ट्रैफिक और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी। ये परेशानी कितनी बड़ी है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि


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    By Azad Hind Desk जनवरी 7, 2026
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    भले बेंगलुरू अपने सुहावने मौसम, आईटी कंपनियों और लाजवाब डोसे के लिए खासा पॉपुलर हो लेकिन एक चीज ऐसी भी है, जिससे लगभग हर बेंगलुरुवासी परेशान रहता है। हम बात कर रहे हैं भयानक ट्रैफिक और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी। ये परेशानी कितनी बड़ी है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने तंग आकर एक आम बाइक हेलमेट को AI-पावर्ड निगरानी टूल में बदल दिया। अब इसकी चर्चा पूरे इंटरनेट पर है और टेक कम्युनिटी इसकी तारीफ करते नहीं थक रही। चलिए डिटेल में जानते हैं कि आखिर ट्रैफिक से परेशान इस शख्स ने हेलमेट को आखिर क्या बना दिया?

    कैसे काम करता है यह AI हेलमेट

    AI से लैस हेलमेट बनाने वाले इंजीनियर का नाम है पंकज। इस हेलमट की खासियत है कि यह सड़क पर बिना हेलमेट पहले चल रहे लोगों की पहचान कर सकता है। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों को तोड़ रहे चालकों को भी यह बहुत ही आसानी से पकड़ सकता है। जैसे ही किसी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन होता है, हेलमेट में मौजूद कैमरा एक एचडी फोटो क्लिक कर लेता है। पंकज ने इस प्रोजेक्ट का डेमो X पर शेयर किया था। इसके बाद यह टेक कम्युनिटी समेत इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस AI हेलमेट को “आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है” का जीता-जागता उदाहरण बता रहे हैं।

    पुलिस तक सीधे पहुंचती है डिटेल

    यह AI हेलमेट सिर्फ ट्रैफिक नियम न पालन करने वालों की पहचान ही नहीं करता बल्कि GPS लोकेशन और वाहन की डिटेल्स सीधे पुलिस तक पहुंचा देता है। पंकज के मुताबिक इससे नियम तोड़ने वाले पर कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने एक वीडियो में अपने प्रोजेक्ट को लेकर चेतावनी भी दी है कि ““बेंगलुरु वालों, अब सुरक्षित चलो वरना पछताओ।” कुछ लोग इसे ट्रैफिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं

    अब आगे क्या?

    इस इनोवेशन को जहां कई लोग “पीक बेंगलुरू मोमेंट” बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी का डैशकैम या कमर्शियल वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं आलोचक प्राइवेसी, डेटा के गलत इस्तेमाल और कानूनी वैधता पर सवाल उठा रहे हैं। पंकज का कहना है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ उनका एक शौक है। उन्हें टेक्नोलॉजी से खेलना और कुछ नया बनना पसंद है। आगे वह इसे कहां लेकर जाएंगे इस बारे में उन्होंने ज्यादा कुछ सोचा नहीं है। यह फिलहाल एक प्रोटोटाइप भर है लेकिन इससे इतना जरूर पता चलता है कि AI के इस्तेमाल से सिस्टम को जवाबदेह बनाया जा सकता है।

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