अहमद सहजाद के साथ हुआ भेदभाव
शहजाद ने सोशल मीडिया और टीवी पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए संकेत दिया कि उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि कई फ्रेंचाइजियों ने उन खिलाड़ियों को चुना है जिनके आंकड़े उनके मुकाबले काफी कम हैं। शहजाद का मानना है कि उन्हें लीग से दूर रखने के लिए पर्दे के पीछे से कुछ ताकतें काम कर रही हैं, जिसका खुलासा वे आने वाले समय में करेंगे।
दो दशक से खेल को सब कुछ दे दिया- शहजाद
पूर्व साथी खिलाड़ी मोहम्मद आमिर के साथ शो में बातचीत करते हुए, शहजाद ने अपने समकालीन खिलाड़ियों को खेल में आगे बढ़ते हुए और खुद को किनारे पर बैठे देखकर भावनात्मक रूप से कितना दुख झेलना पड़ता है, जबकि उन्होंने लगभग दो दशक खेल को समर्पित कर दिए हैं।
उन्होंने कहा, ‘हां, मैं भावुक हो जाता हूं। सच कहूं तो, मुझे बहुत दुख होता है। मैं खेलना चाहता हूं। आपने जिस तरह से कहा कि मेरे सभी साथी खिलाड़ी खेल रहे हैं, उससे मुझे उनके लिए खुशी होती है। मैं ऐसा ही इंसान हूं। जब किसी के साथ कुछ अच्छा होता है, तो मुझे सचमुच खुशी होती है।’
बेटा भी पूछता है सवाल
शहजाद ने आगे कहा, ‘दर्द दो-तीन दिन तक रहता है। भावनाएं उतार-चढ़ाव से गुजरती हैं। रात को जब मैं सोने की कोशिश करता हूं… सबसे ज्यादा दुख इस बात का होता है कि मेरा बेटा नौ साल का है और वह चाहता था कि मैं खेलूं। वह मेरे बगल में सोता है और अब बड़ा हो रहा है। वह कहता है, बाबा मुझे याद है आप खेला करते थे, लेकिन क्या मैं आपको ठीक से याद रख पाऊंगा?’
पीएसएल में नहीं मिला मौका
घरेलू सर्किट में हाल ही में शहजाद का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा था, जहां उन्होंने नेशनल टी20 कप में कई अर्धशतक जड़े थे। बावजूद इसके, पीएसएल ड्राफ्ट में 6 टीमों में से किसी ने भी उनमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस अपमानजनक व्यवहार से आहत होकर उन्होंने पीएसएल को हमेशा के लिए अलविदा कहने का फैसला किया, जिससे उनके फैंस काफी हैरान और दुखी हैं।













