‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल और वरुण धवन के अलावा दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी और परमवीर चीमा भी हैं। साथ ही मोना सिंह, सोनम बाजवा और आन्या सिंह भी हैं। फिल्म ने ‘रईस’, ‘दंगल’, RRR, KGF 2 और ‘पद्मावत’ जैसी फिल्मों को पछाड़ दिया है और दूसरी सबसे बड़ी रिपब्लिक डे हिंदी रिलीज बन गई है। इसने चार दिनों में देशभर में 177 करोड़ और दुनियाभर में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है।
हर सीन में 400 क्रू मेंबर, रियल लोकेशंस कंपकंपाती ठंड, गर्मी में शूट
अनुराग सिंह ने ‘बॉलीवुड हंगामा’ को बताया कि ‘बॉर्डर 2’ एक वॉर ड्रामा फिल्म है और इसी कारण इसे शूट करना तकनीकी रूप से बेहद मुश्किलों भरा रहा। इसमें काफी लॉजिस्टिक्स भी शामिल थे। सबसे ज्यादा चुनौती भरा काम एक्शन सीन्स को शूट करना था क्योंकि तगड़े सेटअप थे और उन पर युद्ध वाले सीन्स शूट किए जाने थे। अनुराग बोले, ‘हर वक्त सेट पर 300-400 क्रू मेंबर होते थे। हम रियल लोकेशंस पर शूट कर रहे थे, कोई ग्रीन स्क्रीन पर शूट नहीं किया। हमने देहरादून और झांसी में हाड़ कंपाती ठंड में शूट किया तो वहीं बाकी लोकेशंस पर भीषण गर्मी में शूटिंग की।’
युद्ध और ब्लास्ट वाले सीन्स में आईं मुश्किलें
अनुराग सिंह ने फिर बताया कि युद्ध वाले सीन्स को उन्हें बहुत ही ध्यान से शूट करना पड़ा। इस बात का ध्यान रखना पड़ता था कि ब्लास्ट एकदम सही समय पर हो, और जब ब्लास्ट हो तो सभी एक्टर्स अपनी दी गई पोजिशंस पर हों। साथ ही इतनी दूरी रहे कि आग की चपेट में न आएं। वह बोले, ‘ब्लास्ट बिल्कुल सही समय पर होने चाहिए, इस बात का ख्याल रखना पड़ता था। आग भड़के तो एक्टर्स एक खास दूरी पर रहें, जबकि बैकग्राउड में 500 लोग लड़ृ रहे हैं। यह आमने-सामने की लड़ाई नहीं है, यह एक युद्धक्षेत्र है। इतने बड़े पैमाने पर एक्शन सीन्स को कोर्डिनेट करना बहुत मुश्किल है।’
देखिए ‘बॉर्डर 2’ का ट्रेलर:
हवाई हमले वाले सीन्स में दिक्कत, असली फाइटर प्लेन नहीं बल्कि VFX
अनुराग सिंह ने बताया कि ‘बॉर्डर 2’ में उन्हें एरियल कॉम्बैट वाले सीन्स शूट करने में भी खासी दिक्कत हुई। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने फिल्म में कोई असली फाइटर प्लेन्स का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि उन सीक्वेंस को VFX के जरिए क्रिएट किया गया था। अनुराग बोले, ‘थ्रिल, इमोशन और एक्शन को तकनीकी बारीकियों के साथ एक ही शॉट में समेटना सबसे मुश्किल काम था।’ अनुराग सिंह ने फिर ‘बॉर्डर 2’ से खाई वाले सीन का जिक्र किया, जिसे एकदम रॉ और कठोर दिखने के साथ भी असली भी दिखना था। वहीं सनी देओल के टैंक वाले सीन शूट करने में भी मुश्किल हुई।













