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  • बोइंग को बचा रही थी अमेरिकी मीडिया? खुली पोल, पायलट सभरवाल के पिता के दर्द का हिसाब कौन देगा

    नई दिल्ली: लंदन के हीथ्रो एयर पोर्ट पर एयर इंडिया के एक और बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में वही घटना घटी, जिसकी वजह से पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में लंदन जाने वाला एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। फर्क सिर्फ इतना रहा कि लंदन से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने से पहले ही


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    By Azad Hind Desk फरवरी 3, 2026
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    नई दिल्ली: लंदन के हीथ्रो एयर पोर्ट पर एयर इंडिया के एक और बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में वही घटना घटी, जिसकी वजह से पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में लंदन जाने वाला एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। फर्क सिर्फ इतना रहा कि लंदन से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने से पहले ही क्रू को फ्यूल स्विच के खुद से ‘रन’ से ‘कट-ऑफ’ मोड में जाने की भनक लग गई। अहमदाबाद विमान हादसे की शुरुआती जांच में भी यह बात सामने आई थी, लेकिन तब फ्यूल स्विच के बंद होने का दोष विमान के अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल पर डालने की कोशिश सबसे पहले अमेरिकी मीडिया से ही शुरू हुई थी। अपने दिवंगत बेटे के सम्मान की रक्षा के लिए उनके पिता सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुके हैं।

    लंदन में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में क्या हुआ

    एक फरवरी को लंदन के हीथ्रो एयर पोर्ट पर इंजन की जांच के दौरान एयर इंडिया के विमान बोइंग 787 (VT-ANX) का फ्यूल स्विच खुद ही ‘रन’ से ‘कट-ऑफ’ की स्थिति में चला गया। विमान के क्रू की इस जांच में स्विच लगातार दो बार फेल रहा और तीसरी बार में ‘रन’ मोड में लॉक हो पाया। फिर एयर इंडिया का यह विमान बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ और अब इसे वहीं रोक दिया गया है। Azad Hind की एक रिपोर्ट के अनुसार एक सीनियर कमांडर ने कहा, ‘लंदन की घटना इस धारणा को सीधे तौर पर चुनौती देती है कि एयर इंडिया हादसे (अहमदाबाद) में फ्यूल स्विच का मूवमेंट पायलट ने किया था। अबतक कट-ऑफ एक्शन को पायलट के एक्शन का पक्का सबूत मान लिया गया था।’ उन्होंने घटना के पीछे तकनीकी खामी से लेकर भ्रष्टाचार तक की ओर इशारा किया है।

    अहमदाबाद एयर इंडिया 171 क्रैश में क्या हुआ था

    एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने पिछले साल जुलाई में अपनी शुरुआती जांच में पाया कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के इंजन के दोनों फ्यूल स्विच टेकऑफ के कुछ ही देर बाद ‘रन’ से ‘कट-ऑफ’ हो गए थे। इस रिपोर्ट के सामने आने के पहले से ही अमेरिका की वॉल स्ट्रीट जनरल जैसी मीडिया हाउस ने स्विच बंद होने के लिए विमान के कैप्टन सुमित सभरवाल पर दोष मढ़ना शुरू कर दिया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि विमान में कोई समस्या नहीं थी और जांच पायलटों पर केंद्रित है कि कहीं पायलट ने तो कोई गलती नहीं की? कुछ मीडिया रिपोर्ट में पायलट की मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाने की कोशिश हुई। क्योंकि, एएआईबी की जांच में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में यह बातें दर्ज थीं- एक पायलट ने दूसरे पायलट से कहा- ‘फ्यूल स्विच बंद क्यों किया?’ दूसरे पायलट ने कहा- ‘मैंने बंद नहीं किया।’ कुछ ताकतों ने जवाब पर ध्यान देने के बजाए,सिर्फ सवाल को तूल दिया।

    बोइंग 787 के फ्यूल स्विच में पहले भी मिली गड़बड़ी

    एयर सेफ्टी एक्सपर्ट कैप्टन अमित सिंह का कहना है कि लंदन की घटना इसलिए चिंताजनक है, क्योंकि 2018 में अमेरिकी एविएशन रेगुलेटर ने बोइंग 787 के फ्यूल स्विच में गड़बड़ी को लेकर सावधान किया था, जिसकी वजह से इंजन के अचानक बंद होने की आशंका थी। इस घटना के बाद विमान की तकनीकी समस्या की गंभीरता से जांच की मांग ने फिर से जोड़ पकड़ना शुरू कर दिया है। अहमदाबाद विमान हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी, सिर्फ एक यात्री बाल-बाल बच निकला था।

    बोइंग को बचाने की साजिश में अमेरिकी मीडिया?

    जिस तरह से अमेरिकी मीडिया में दिवंगत पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित सभरवाल की छवि बिगाड़ने की कोशिश हुई, उसने उनके बुजुर्ग पिता के दर्द को असहनीय पीड़ा में बदल दिया। 91 साल की उम्र में पुष्कराज सभरवाल को बेटे के खो देने का दुख छाती में दबाकर उसे न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ गया। उन्होंने जांच की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाया, क्योंकि जांच का दायरा तकनीकी खामियों के बजाए मृत पायलटों तक समेटने की कोशिशें चल रही थीं। ऐसे में सवाल उठता है कि किया इस सबके पीछे विमान बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग को बचाने की साजिश तो नहीं रची गई? क्योंकि, यह कंपनी पहले से भी सवालों के घेरे में रही है और खुद अमेरिकी व्हिसल ब्लोअर ने भी बार-बार इसकी कारगुजारियों की पोल खोली है।

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