‘आउटडेटेड हो गया कोडर’
जेन्सेन के अनुसार, कोडर अब आउटडेटेड हो गया है। उनका कहना है कि भविष्य में कोई व्यक्ति जब सिस्टम यानी कंप्यूटर पर होगा तो वह कोड नहीं लिखेगा। वह सिस्टम को बताएगा कि उसे क्या चाहिए। सही रिजल्ट ना मिलने पर डीबग नहीं किया जाएगा बल्कि सिस्टम से उसे ठीक करने के लिए कहा जाएगा। जेन्सेन ने कहा कि भविष्य की सबसे अच्छी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इंग्लिश ही है।
मशीनों को बता सकते हैं आपको क्या चाहिए
जेन्सेन के अनुसार, आज और भविष्य में भी आप मशीनों को यह बताएंगे कि आपको क्या चाहिए। वहां कोड की जरूरत नहीं होगी। अगर आप साफ-साफ मशीन को यह बता पाए कि आपको क्या चाहिए तो समझें कि आप भी एक डेवलपर हैं। अगर आप अपनी बातचीत को रिफाइन कर सकते हैं तो आप एक डेवलपर ही हैं, भले ही आपको सी प्लस प्लस या पायथन जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्नवेज ना आती हों।
पर्सनलाइज्ड हो रहे गैजेट्स
जेन्सेन की बातों में दम दिखता है। वर्तमान में ही हमारे गैजेट्स पर्सनलाइज्ड होने लगे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ने से गैजेट्स को हर कोई अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर पा रहा है। हर कोई एआई से अपने अंदाज में बात कर रहा है और एआई उसे समझ कर जवाब दे रहा है। जेन्सेन जिस इंग्लिश को भविष्य की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बता रहे हैं, हो सकता है कि दुनिया उससे एक कदम आगे निकल जाए और लोगों की स्थानीय भाषा ही किसी सिस्टम से जुड़ने की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बन जाए। एनवीडिया सीईओ जेन्सेन, भविष्य और एआई को लेकर और कौन सी बातें कहते हैं, इसका इंतजार इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में रहेगा। यह समिट 16 से 20 जनवरी तक नई दिल्ली में आयोजित होगा।













