ट्रंप ने कहा है कि जनवरी में निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद अमेरिका ने वेनेजुएला पर नियंत्रण कर लिया है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। इसके पहले ट्रंप ने अगस्त 2025 में रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। वॉशिंगटन का कहना है कि रूसी तेल खरीद से पुतिन के युद्ध को फंडिंग मिल रही है। ट्रंप ने रूसी तेल के एक और बड़े खरीदार चीन को भी डील का ऑफर दिया है।
ट्रंप ने तेल डील पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘चीन का स्वागत है, वह आए और तेल पर एक शानदार डील करे। हमने पहले ही एक डील कर ली है। भारत आ रहा है और वे ईरान से खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे। तो हमने पहले ही डील का कॉन्सेप्ट बना लिया है।’
पीएम मोदी ने की रोड्रिग्ज से बात
ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी दबाव के चलते भारतीय रिफाइनरियां रूसी तेल आयात में कटौती कर रही हैं। बीती 30 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से बात की, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने एक्स पर बातचीत की जानकारी शेयर करते हुए लिखा, वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति सुश्री डेल्सी रोड्रिग्ज से बात की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा और व्यापक बनाने पर सहमत हुए, जिसमें आने वाले वर्षों में भारत-वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का साझा विजन है।













