अंतरिम समझौते के तहत दोनों देशों के कई तरह के सामान पर ड्यूटी में छूट देने की संभावना है। अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने की बात कही है। साथ ही 25 फीसदी का अतिरक्त टैरिफ भी हटाया जाएगा। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत यह अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। इस तरह भारत पर टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 फीसदी हो जाएगा।
$2 ट्रिलियन का सामान खरीदेगा भारत! अमेरिका से ट्रेड डील पर 4-5 दिन में आ सकता है जॉइंट इनवेस्टमेंट
30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार
फ्रेमवर्क में मार्केट एक्सेस की भी बात कही गई है। भारत अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा। इनमें तेल और गैस, कोकिंग कोल, एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स, कीमती धातुएं और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी शामिल है। भारत अमेरिका से आने वाले कई इंडस्ट्रियल और एग्रीकल्चरल आइटम्स पर टैरिफ में छूट देगा।
गोयल का कहना है कि फ्रेमवर्क से भारतीय किसानों, मछुआरों और एसएमई कंपनियों को अमेरिका के 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार का एक्सेस मिलेगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही एग्रीमेंट पर औपचारिक हस्ताक्षर होंगे, अमेरिका में भारतीय सामान पर टैरिफ कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत के ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भी अप्रैल में लागू होने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड के साथ समझौता सितंबर में लागू हो सकता है।













