लड़की ने रेडिट पर लिखते हुए कहा है कि जिन रिश्तेदारों को वो सिर्फ फोन पर जानती थी, उन्होंने उसे और उनकी बहन को खूब प्यार से अपनाया। हालांकि लड़की ने माना की ‘ कल्चरल शॉक ‘ सच में होता है। उसने लिखा है “मैं 22 साल की हूं और मेरा जन्म और पालन-पोषण अमेरिका में हुआ है। जब मेरी मां ने मुझे पहली बार बताया कि हम भारत जा रहे हैं, तो मैं सच में रो पड़ी थी। मैंने कुछ समय के लिए मना भी कर दिया था, क्योंकि मैं पहले कभी यहां नहीं आई थी और मैंने सिर्फ बुरी बातें सुनी थीं, तो हां… मैं डरी हुई थी।”
अमेरिकी लड़की ने सुनाया भारत आने की कहानी
उसने आगे लिखा कि “शुरूआत में सबकुछ अजीब था और मैं सोचती रहती थी कि मैं कभी इसकी आदत नहीं डाल पाऊंगी। लेकिन कुछ समय बाद (तुरंत नहीं), यह अलग लगने लगा। जैसे… अजीब तरह से जाना-पहचाना, मुझे नहीं पता कि इसे कैसे समझाऊं। मुझे और मेरी बहन (16 साल) को यहां सच में बहुत अच्छा महसूस हुआ। हमारे रिश्तेदार मेरी उम्मीद से कहीं ज़्यादा अच्छे थे। यहां तक कि मेरी मां की बहनें, जिन्हें हम सिर्फ फोन पर हुई बातों से जानते थे, उन्होंने भी हमसे ऐसे बात की जैसे हम पहले से ही बहुत करीब हों। लेकिन हमारे कुछ रिश्तेदारों, खासकर आंटियों ने मुझसे शुरू में कुछ अजीब सवाल पूछे, हाहा, लेकिन मैं समझती हूं। वे जज नहीं कर रहे थे, बल्कि वे बस यह पक्का करना चाहती थी कि हम ठीक हैं।”
उसने लिखा है कि “लेकिन हां, लोग हमारा हालचाल बहुत पूछते रहते थे, हमें जगहों पर बुलाते थे, यह पक्का करते थे कि हम ठीक हैं। यह बहुत ज्यादा या ड्रामैटिक नहीं था, बस छोटी-छोटी बातें थीं जिनसे हमें लगा कि हम भी इस ग्रुप का हिस्सा हैं। मैं अभी भी एडजस्ट कर रही हूं और निश्चित रूप से कुछ चीजें हैं जो मुश्किल हैं। कल्चर शॉक असली है और मैं यह दिखावा नहीं कर रही कि सब कुछ परफेक्ट है। इंडिया उतना परफेक्ट नहीं है, मैं अभी भी एडजस्ट कर रही हूं और ऐसे पल भी आए हैं, जब मुझे बहुत ज्यादा बोझ भी महसूस हुआ। लेकिन मुझे सच में समझ नहीं आता कि लोग यहां आए बिना इंडिया से इतनी नफरत क्यों करते हैं। मेरा अनुभव वैसा बिल्कुल नहीं रहा जैसा मैंने सोचा था।”













