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  • ‘भारत और चीन को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा नहीं करेंगे’, नेपाल चुनाव से पहले पूर्व PM केपी ओली का बयान

    काठमांडू: नेपाल में चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री और CPN (UML) चेयरपर्सन केपी शर्मा ओली ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। चार बार के प्रधानमंत्री रहे ओली ने कहा कि वह भारत और चीन दोनों से अच्छे रिश्ते चाहते हैं। पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन को उन्होंने नेपाल को अस्थिर करने की कोशिश


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    By Azad Hind Desk मार्च 4, 2026
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    काठमांडू: नेपाल में चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री और CPN (UML) चेयरपर्सन केपी शर्मा ओली ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। चार बार के प्रधानमंत्री रहे ओली ने कहा कि वह भारत और चीन दोनों से अच्छे रिश्ते चाहते हैं। पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन को उन्होंने नेपाल को अस्थिर करने की कोशिश बताया, जिसमें विदेशी शक्तियां शामिल थीं। उन्होंने यह भी कहा कि जेन-जी के विरोध प्रदर्शन को आपराधिक तत्वों ने हाईजैक कर लिया था।

    जेन-जी आंदोलन को बताया विध्वंस

    स्पुतनिक इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में केपी शर्मा ओली ने कहा कि जेन-जी आंदोलन एक विध्वंस था जिसने राष्ट्रीय सम्मति को नष्ट किया। ओली ने कहा कि इसमें छात्रों को ड्रेस में शामिल किया गया था, जो कि अवैध था। हमने नियम बनाया था कि स्कूली बच्चों को आंदोलन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद वहां स्कूल यूनिफॉर्म में बच्चों को बुलाया गया था। ओली ने आगे कहा कि छात्र अपनी मांगें रखकर चले गए थे लेकिन उसके बाद प्रदर्शन को हाईजैक कर लिया गया। आंदोलन क्रिमिनल एलीमेंट के हाथ में चला गया।

    जेन-जी आंदोलन को नेपाल में अस्थिरता और अराजकता फैलाने के लिए शुरू किया गया था। उसने कोई अच्छा काम नहीं किया। जेन-जी का प्रदर्शन कोई आंदोलन नहीं, बल्कि विध्वंस था। इसने राष्ट्रीय सम्मति को ध्वस्त किया।
    केपी शर्मा ओली, पूर्व प्रधानमंत्री, नेपाल

    नेपाल चुनाव में विदेशी फंडिंग पर दिया जवाब

    जब उनसे पूछा गया कि क्या विदेशी ताकतें चुनाव में फंड कर रही हैं और बाहर से प्रेशर बनाया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें हैं लेकिन मेरे पास ठोस प्रमाण नहीं है। ओली ने कहा कि ‘जब तक ठोस प्रमाण नहीं होता, तब तक मैं कुछ नहीं कह सकता। लेकिन कहा जाता है कि बिना आग के धुआं नहीं होता।’

    भारत और चीन के साथ रिश्तों पर ओली ने कहा कि हम दोनों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं। एक ताकत को दूसरी के खिलाफ नहीं खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘हम आपके पड़ोसियों भारत और चीन के साथ ईमानदार रिश्ते चाहते हैं। हम अपने देश का इस्तेमाल किसी पड़ोसी के खिलाफ नहीं होने देंगे।’ पूर्व नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें पीढ़ी दर पीढ़ी यही रहना है। पड़ोसी भी यहीं रहेंगे और हम भी यहीं रहेंगे।

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