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  • भारत और थाईलैंड की वायुसेनाएं आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए संयुक्त अभ्यास कर रहीं

    नई दिल्ली: रॉयल थाई वायुसेना और भारतीय वायुसेना आपसी समन्वय और तालमेल को बढ़ाने के लिए एक संयुक्त अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं जिसमें भारत के लड़ाकू विमान एसयू-30 एमकेआई के अलावा ईंधन भरने वाला विमान आईएल-78 और अन्य महत्वपूर्ण साजो-सामान को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। 13


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    By Azad Hind Desk फरवरी 11, 2026
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    नई दिल्ली: रॉयल थाई वायुसेना और भारतीय वायुसेना आपसी समन्वय और तालमेल को बढ़ाने के लिए एक संयुक्त अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं जिसमें भारत के लड़ाकू विमान एसयू-30 एमकेआई के अलावा ईंधन भरने वाला विमान आईएल-78 और अन्य महत्वपूर्ण साजो-सामान को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

    13 फरवरी जारी रहेगा संयुक्त अभ्यास

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अभ्यास नौ फरवरी को शुरू हुआ जो 13 फरवरी तक जारी रहेगा। भारतीय वायु सेना ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में हवाई अभ्यास के बारे में जानकारी साझा की। भारतीय वायु सेना ने पोस्ट किया, ‘‘भारतीय वायु सेना और रॉयल थाई वायुसेना एक संयुक्त हवाई अभ्यास में भाग ले रही हैं। यह अभ्यास दोनों वायु सेनाओं के बीच आपसी समन्वय और तालमेल को बढ़ाएगा।’’

    अभ्यास में हिस्सा ले रहे ये जहाज

    भारतीय वायुसेना के पोस्ट में कहा गया कि उसके लड़ाकू विमान एसयू-30एमकेआई के अलावा अवाक्स, एईडब्ल्यू एंड सी और ईंधन भरने वाले आईएल-78 विमान अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं, जबकि रॉयल थाई वायुसेना का ग्रिपेन विमान इसमें भाग ले रहा है। पोस्ट में भारतीय वायुसेना ने कहा कि यह अभ्यास भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय तालमेल को मजबूत करने के लिए है।

    क्यों खास होते हैं ये अभ्यास

    आपको बता दें कि थाइलैंड एक अच्छा रणनीतिक साझेदार है। थाईलैंड की भौगोलिक स्थिति भारत की समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। इस तरह के युद्धाभ्यास न केवल सैन्य कौशल को बढ़ाते हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विश्वास को भी गहरा करते हैं।

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