• International
  • भारत और नेपाल के बीच होने जा रहा बड़ा समझौता, करार तैयार, चुनाव से पहले होंगे हस्ताक्षर?

    काठमांडू: भारत और नेपाल के बीच कानूनी सहायता को लेकर एक बड़ा समझौता होने जा रहा है। करार तैयार हो चुका है अब दोनों देशों के अधिकारी समझौते पर साइन करने के लिए तारीख तय कर रहे हैं। इस कानून पर पिछले साल जुलाई में नई दिल्ली में गृह सचिव स्तर की बैठक के दौरान


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 8, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    काठमांडू: भारत और नेपाल के बीच कानूनी सहायता को लेकर एक बड़ा समझौता होने जा रहा है। करार तैयार हो चुका है अब दोनों देशों के अधिकारी समझौते पर साइन करने के लिए तारीख तय कर रहे हैं। इस कानून पर पिछले साल जुलाई में नई दिल्ली में गृह सचिव स्तर की बैठक के दौरान सहमति बनी थी। नेपाली मीडिया ने बताया है कि कई वर्षों की बातचीत के बाद इस समझौते पर दोनों देश पहुंचे हैं, जिससे पता चलता है कि ये समझौता कितना पेचीदा है। इस समझौते का नाम Mutual Legal Assistance (MLA) है।

    इस समझौते के तहत दोनों पक्षों ने ट्रांसनेशनल अपराधों से निपटने और दोनों देशों की कानूनी संस्थाओं के बीच सूचना के आदान-प्रदान, जांच सबूतों को साझा करने, अभियोजन में सहयोग और आपराधिक जांच में कॉर्डिनेशन को आसान बनाने के लिए आपराधिक मामलों पर MLA पर साइन करने के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी। यह समझौता दोनों पक्षों को ट्रांसनेशनल अपराधों की जांच करने के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है। चूंकी दोनों देशों के नागरिक बगैर वीजा के एक देश से दूसरे देश की यात्रा करते हैं, इसलिए ये कानून काफी अहम माना जा रहा है।

    भारत नेपाल के बीच बड़ा कानूनी सहायता समझौता क्या है?
    भारत और नेपाल के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है, ऐसे में दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों को लंबे समय से अपराधियों को एक-दूसरे को सौंपने में कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में गृह सचिव स्तर की बैठक के दौरान बातचीत से जुड़े एक अधिकारी ने काठमांडू पोस्ट को कहा है कि MLA में एक ऐसा समझौता शामिल है जो आतंकवाद, तस्करी, साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे ट्रांसनेशनल अपराधों का मुकाबला करने के लिए तेज, व्यवस्थित सहयोग को सक्षम बनाता है। इस समझौते पर साइन होने के बाद अपराधियों का पता लगाने, सबूत जमा करने, अपराधियों की संपत्ति को जब्त करने और एक दूसरे की जांच एजेंसियों को संदिग्धों के बयान को दर्ज करने का अधिकार देगी।

    पाकिस्तान सरकार का नेतृत्व करने वाली सुशीला कार्की ने अक्टूबर में भारत के साथ आपराधिक मामलों पर MLA पर एक समझौते पर साइन करने का फैसला किया था, लेकिन दोनों पक्ष ऐसा करने के लिए आपसी तारीख तय नहीं कर पाए थे। अब इस पर साइन करने के लिए बातचीत चल रही है। काठमांडू पोस्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय के कई अधिकारियों के हवाले से इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने नेपाल के अधिकारियों को बता दिया है कि नई दिल्ली में इस समझौते को लेकर आंतरिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।

    क्या नेपाल चुनाव से पहले समझौते पर होंगे दस्तखत?
    काठमांडू पोस्ट ने बताया है कि फिलहाल मामला इस पेंच पर फंसा हुआ है कि इस समझौते को मार्च में नेपाल में होने वाले चुनाव से पहले साइन कर लिया जाए या चुनाव के बाद। नेपाल विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि “हम इस पर चर्चा कर रहे हैं।” इससे पहले विदेश मंत्री बालनंद शर्मा की फरवरी के पहले हफ्ते में भारत यात्रा के दौरान समझौते पर साइन करने की चर्चा हुई थी। लेकिन यात्रा स्थगित कर दी गई। और अगर चुनाव से पहले समझौते पर साइन करने को लेकर सहमति बनती है, तो कानून मंत्री अनिल सिन्हा नेपाल सरकार की ओर से समझौते पर साइन कर सकते हैं।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।