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  • ‘भारत और पाकिस्‍तान में था गंभीर परमाणु तनाव’, मार्को रुबियो से मिले असीम मुनीर, अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान

    म्‍यूनिख: डोनाल्‍ड ट्रंप के कार्यकाल में पाकिस्‍तान और अमेरिका के बीच दोस्‍ती लगातार मजबूत होती जा रही है। पाकिस्‍तान के फील्‍ड मार्शल असीम मुनीर के अमेरिका दौरे के बाद अब जर्मनी के म्‍यूनिख शहर में सुरक्षा सम्‍मेलन के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उनकी मुलाकात हुई है। बताया जा रहा है कि


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    By Azad Hind Desk फरवरी 16, 2026
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    म्‍यूनिख: डोनाल्‍ड ट्रंप के कार्यकाल में पाकिस्‍तान और अमेरिका के बीच दोस्‍ती लगातार मजबूत होती जा रही है। पाकिस्‍तान के फील्‍ड मार्शल असीम मुनीर के अमेरिका दौरे के बाद अब जर्मनी के म्‍यूनिख शहर में सुरक्षा सम्‍मेलन के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उनकी मुलाकात हुई है। बताया जा रहा है कि इस बातचीत के दौरान गाजा में पाकिस्‍तानी सेना को भेजने और भारत को लेकर प्रमुखता से चर्चा हुई है। पाकिस्‍तानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस बातचीत के दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा पहलू पर चर्चा हुई है। इसी बातचीत के दौरान संयुक्‍त राष्‍ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्‍ट्ज ने कश्‍मीर के साथ भारत और पाकिस्‍तान के बीच कथित परमाणु तनाव का जिक्र करते हुए वैश्विक और क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्‍तानी भूमिका को रेखांकित किया।

    अमेरिकी दूत माइक वाल्‍ट्ज ने म्‍यूनिख सुरक्षा सम्‍मेलन में दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरत को लेकर चिंता जताते हुए कहा, ‘हम दुनियाभर में एकसाथ चल सकते हैं- कश्‍मीर, भारत और पाकिस्‍तान- जहां हमने एक बहुत ही गंभीर परमाणु तनाव का सामना किया है।’ उन्‍होंने पाकिस्‍तान को बहुपक्षीय कूटनीति से भी जोड़ा और कहा कि पाकिस्‍तान गाजा को लेकर संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में शामिल है। अमेरिकी राजदूत ने यह भी कहा कि पाकिस्‍तान वॉशिंगटन की मुस्लिम बहुल देशों के साथ संपर्क में शामिल है। इसमें उन्‍होंने तुर्की और इंडोनेशिया का भी नाम लिया।

    डोनाल्‍ड ट्रंप को खुश करने में जुटा पाकिस्‍तान

    इंडोनेशिया ने गाजा में सेना भेजने का ऐलान भी कर दिया है। वहीं पाकिस्‍तानी सेना ने अपने बयान में कहा है कि फील्‍ड मार्शल असीम मुनीर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आपसी हित, वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल और आतंकवाद निरोधक अभियानों में मदद पर बात की। माना जा रहा है कि असीम मुनीर और मार्को रुबियो के बीच गाजा में सेना को भेजने पर बातचीत हुई है। दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया ने जहां 8 हजार सैनिकों को भेजने का ऐलान किया है। वहीं पाकिस्‍तान ने इस पर अभी चुप्‍पी साध रखी है।

    पाकिस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ ने डोनाल्‍ड ट्रंप के सामने बोर्ड ऑफ पीस पर हस्‍ताक्षर किया था। अब ट्रंप यह उम्‍मीद लगाए बैठे हैं कि पाकिस्‍तान भी हजारों की तादाद में गाजा में अपनी सेना को भेजेगा। पाकिस्‍तान की कोशिश है कि इस बहाने ट्रंप को खुश किया जाए ताकि उनसे भारत के खिलाफ बढ़त हासिल किया जाए। इससे पहले ट्रंप भी कई बार दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्‍तान परमाणु युद्ध के मोहाने पर पहुंच गए थे। ट्रंप अब तक दर्जनों बार भारत और पाकिस्‍तान के बीच युद्ध में सीजफायर कराने का दावा किया है। ट्रंप के इस दावे को भारत ने बार-बार खारिज किया है।

    तालिबान की असीम मुनीर ने अमेर‍िका से की शिकायत

    वहीं पाकिस्‍तान ने ट्रंप की खुशामद करते हुए उनके बयान का समर्थन किया और नोबेल शांति पुरस्‍कार देने की मांग कर डाली थी। विश्‍लेषकों का कहना है कि इस मुलाकात के दौरान तालिबान सरकार के साथ पाकिस्‍तान के तनाव पर भी असीम मुनीर ने मार्को रुबियो से बात की है। टीटीपी और बलूच विद्रोही लगातार पाकिस्‍तानी सेना पर भीषण हमले कर रहे हैं। पाकिस्‍तान ने इसके लिए अफगान सरकार और भारत पर बिना किसी सबूत के आरोप लगाया है। पाकिस्‍तान चाहता है कि अमेरिका तालिबान पर दबाव डाले।

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