पाकिस्तानी आर्मी के प्रवक्ता चौधरी ने कहा, ‘कंधार, काबुल, पक्तिया समेत 22 जगहों पर झड़पें हुईं हैं। पाकिस्तानी आर्मी अलर्ट पर है और किसी भी हमले का कड़ा जवाब देगी। हम साफ करना चाहते हैं कि अफगानिस्तान की धरती से होने वाले हमले के लिए अफगान तालिबान सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। पाकिस्तान में हमला हुआ है तो अफगान तालिबान पर अटैक करेंगे। काबुल को टीटीपी और इस्लामाबाद में से एक चुनना पड़ेगा।’
भारत की तरह बात कर रहा अफगान तालिबान: पाक आर्मी
चौधरी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘पहले भारत में हमला करने की आदत देखी गई और अब अफगान तालिबान में भी यही आदत आ गई है। हमने बीते साल भारत को जवाब दिया और अब अफगानिस्तान में कार्रवाई कर रहे हैं। अफगान तालिबान की पाकिस्तान को जवाब देने की धमकियों से साफ पता चलता है कि यह मास्टर प्रॉक्सी आतंकियों को कैसे बढ़ावा देता है।’
पाक मिलिट्री प्रवक्ता ने इल्जाम लगाया कि उनकी जमीन पर हो रहे आतंकवादी हमले के पीछे भारत की स्पॉन्सरशिप, मदद और डिजाइन है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों के पीछे भारत है और अफगान तालिबान इसका बेस है। हम अफगानिस्तान और भारत को बता देना चाहते हैंं कि पाकिस्तान की सेना पूर्वी हो या पश्चिमी, दोनों बॉर्डर पर तैयार है।
अफगान तालिबान को असरदार जवाब देंगे
शरीफ चौधरी ने कहा कि अफगान तालिबान सरकार को पाकिस्तान आर्म्ड फोर्स ने असरदार जवाब दिया। इस इलाके में आतंकवाद के मास्टर प्रॉक्सी को यह एक सही जवाब है। हमारा संदेश साफ है कि पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने वाले कहीं भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। हम उनको ढूंढ़कर मारेंगे।
ड्रोन हमले पर चौधरी ने बताया कि अफगान तालिबान पोर्नेस सिबी, एबटाबाद और नौशेरा में हमले करने के लिए रूडीमेंट्री बेसिक ड्रोन का इस्तेमाल किया। हमारे एंटी-ड्रोन सिस्टम ने उन्हें मार गिराया। चौधरी ने आगे कहा कि अफगान तालिबान और किसी आतंकी गुट के बीच की लाइन धुंधली हो गई है। दोनों के बीच फर्क करना मुश्किल हो रहा है।












