जियो टीवी के मुताबिक, पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा, ‘बलूचिस्तान में हाल में हुए आतंकी हमले पर भारत के रिएक्शन ने इन गतिविधियों में बाहरी लोगों के शामिल होने की पाकिस्तान की बात को साबित कर दिया है।’ उन्होंने इंडिया के विदेश मंत्रालय के हालिया बयान को गलत कहा, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को अपनी कमी को दूसरे देशों पर डालने से बाज आने को कहा था।
बीएलए ने किए हैं भीषण हमले
पिछले महीने बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान के कई हिस्सों में हमले किए। पाक मीडिया का दवा है कि पकिस्तानी सुरक्षाबलों के 22 जवान और 36 आम नागरिक मारे गए हैं। हालांकि विदेशी मीडिया मरने वालों की तादाद 200 से ज्यादा मानती है। इस दौरान बीएलए ने कई इलाकों को नियंत्रण में ले लिया था।
बीते महीने के आखिर में बीएलए के भीषण हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना ने कहा था कि कहा कि भारत के स्पॉन्सर्ड फितना अल-हिंदुस्तान (टीटीपी और बीएलए जैसे गुट) के आतंकवादियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदिन, खारन, पंजगुर, टंप, ग्वादर और पसनी के आसपास आम नागरिकों को निशाना बनाकर कई हमले किए हैं।
पाकिस्तान में आतंकी हमले
पाकिस्तान लंबे समय से आतंकी हमलों को झेल रहा है। खासतौर से बलूचिस्तान और केपी प्रांत में चीजें उसके लिए बद से बदतर हो रही हैं। पाकिस्तान ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत और अफगानिस्तान पर डालने की कोशिश की है। पाकिस्तकान का कहना है कि इन दोनों पड़ोसी देशों की वजह से उसकी जमीन पर हिंसा हो रही है।













