भारत के डर से बोला झूठ, अम्माद बट का खुलासा
लाहौर लौटते ही अम्माद बट ने फेडरेशन की पोल खोलते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलिया में टीम की स्थिति बेहद दयनीय थी। उन्होंने कहा, ‘जब हमें पता चला कि हमारी बदहाली की खबरें भारत तक पहुंच गई हैं, तो मुझे लगा कि यह मेरे देश की इज्जत का सवाल है। मैं नहीं चाहता था कि भारतीय मीडिया हमारे देश को नीचा दिखाए, इसलिए मैंने वीडियो बनाकर झूठ बोला कि सब ठीक है। लेकिन सच तो यह है कि जो भी खबरें बाहर आईं, वे शत-प्रतिशत सच थीं।’
सिडनी की सड़कों पर 15 घंटे भटके खिलाड़ी
कप्तान ने ऑस्ट्रेलिया में हुए दुर्व्यवहार की दास्तां सुनाते हुए बताया कि सिडनी पहुंचने के बाद टीम के पास ठहरने के लिए कोई जगह नहीं थी। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन की लापरवाही के कारण होटल की बुकिंग नहीं हुई थी, जिसके चलते खिलाड़ी करीब 15 घंटों तक सिडनी की सड़कों पर बेसहारा लोगों की तरह घूमने को मजबूर हुए। उन्हें न तो समय पर खाना दिया गया और न ही किसी ने उनकी जिम्मेदारी ली।
खिलाड़ियों से कराया गया टॉयलेट और बर्तन साफ
अम्माद बट ने उन रिपोर्टों की भी पुष्टि की जिनमें कहा गया था कि खिलाड़ियों को मजदूरों की तरह रखा गया। टीम को एक ऐसी जगह ठहराया गया जहां बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं। खिलाड़ियों को खुद खाना बनाना पड़ता था, बर्तन धोने पड़ते थे और यहां तक कि टॉयलेट की सफाई भी खुद ही करनी पड़ी। बट ने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट और फेडरेशन ने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और बार-बार उनसे झूठ बोला गया।
फेडरेशन और स्पोर्ट्स बोर्ड के बीच उलझा विवाद
वापसी के बाद जब अम्माद ने पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड से शिकायत की, तो बोर्ड ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्होंने समय पर पैसा जारी कर दिया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर बोर्ड ने फंड दिया था, तो वह पैसा गया कहां? कप्तान ने सीधे तौर पर मैनेजमेंट को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को खेल पर ध्यान देने के बजाय बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ा, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर भी दिखा और टीम चारों मैच हार गई।













