बीसीसीआई ने कोच, कोचिंग स्टाफ और वीवीएस लक्ष्मण को सराहा
बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा, ‘बीसीसीआई मुख्य कोच हृषिकेश कानिटकर और उनके सहायक स्टाफ की टीम के लिए स्पष्ट और उद्देश्यपूर्ण मार्गदर्शन की सराहना करता है। बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड ऑफ क्रिकेट वीवीएस लक्ष्मण को भी विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहता है, जिनकी विजन और रोडमैप ने यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है कि निरंतरता, स्थिरता और निर्बाध मार्ग (seamless pathway जूनियर से एलीट क्रिकेट तक बना रहे।’
कुछ ऐसा रहा था खिताबी मुकाबला
भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। ऐसे में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए वैभव सूर्वयंशी की 175 रन की अविश्वसनीय पारी के चलते 9 विकेट पर 411 रन बना दिए थे। आयुष म्हात्रे ने भी 53 रन बनाए थे। इसके अलावा भी तकरीबन हर किसी प्लेयर ने अपना-अपना योगदान दिया। इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक 3 विकेट जेम्स मिंटो ने लिए।
412 रन के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड 40.2 ओवर में 311 रन के स्कोर पर ऑल आउट हो गई। इंग्लैंड के लिए 115 रन की पारी केलब मैथ्यू फेलकॉनर ने खेली। उन्होंने इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक रन बनाए। भारत के लिए सबसे ज्यादा 3 विकेट आरएस एम्ब्रिश ने लिए। 2-2विकेट दीपेश दीवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने लिए। 1 विकेट आयुष म्हात्रे ने भी लिया।













