• International
  • भारत के दो पड़ोसियों में चरम पर तनाव, जैसे को तैसा जवाब देने की चेतावनी, मामला क्या है?

    माले: भारत के दो पड़ोसियों मालदीव और श्रीलंका में चरम पर तनाव है। श्रीलंका में मालदीव के हाई कमिश्नर ने श्रीलंकाई सरकार पर अपने देश के लोगों से भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि श्रीलंकाई सरकार मालदीव के लोगों के लिए वीजा जारी करने में उनकी चमड़ी का रंग देख रही


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 9, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    माले: भारत के दो पड़ोसियों मालदीव और श्रीलंका में चरम पर तनाव है। श्रीलंका में मालदीव के हाई कमिश्नर ने श्रीलंकाई सरकार पर अपने देश के लोगों से भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि श्रीलंकाई सरकार मालदीव के लोगों के लिए वीजा जारी करने में उनकी चमड़ी का रंग देख रही है। उन्होंने यहां तक कहा कि शअरीलंका में सिर्फ गोरी चमड़ी वाले लोगों को ही विजिटर माना जा रहा है। इस बीच श्रीलंका के कई अस्पतालों ने हेल्थ इंश्योरेंस पर इलाज करने की सुविधा को बंद कर दिया है। इससे मालदीव के लोगों की टेंशन बढ़ गई है।

    श्रीलंका पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप

    श्रीलंका में मालदीव के हाई कमिश्नर मसूद इमाद ने एक इंटरव्यू में श्रीलंकाई इमिग्रेशन पर मालदीव के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में रहने वाले और यात्रा करने वाले मालदीव के लोगों को अपना वीजा पाने और रिन्यू कराने के लिए सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। मसूद ने कहा, “मैं हैरान हूं कि अधिकारी सिर्फ गोरी चमड़ी वाले लोगों को ही श्रीलंका में आने वाले विजिटर क्यों मानते हैं।”

    श्रीलंकाई इमिग्रेशन पर घूसखोरी का आरोप

    उन्होंने श्रीलंकाई इमिग्रेशन अधिकारियों पर पैसों के लिए ऐसा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंटों के ज़रिए श्रीलंका के वीजा के लिए अप्लाई करना ज्यादा सुविधाजनक है। मसूद ने चेतावनी दी कि श्रीलंका सालों से मालदीव के लोगों के लिए एक लोकप्रिय जगह रही है, लेकिन इस भेदभाव से यह बदल सकता है। मसूद ने आगे कहा कि उन्होंने श्रीलंकाई सरकार से यह साफ करने के लिए कहा है कि क्या यह भेदभाव इसलिए है क्योंकि मालदीव को सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है।

    श्रीलंकाई मछुआरों पर भी भड़का मालदीव

    उन्होंने कहा, “मैंने श्रीलंकाई अधिकारियों से पूछा है कि क्या मेरे देश को सुरक्षा की चिंता वाला देश माना गया है। मैं अभी भी उनके जवाब का इंतज़ार कर रहा हूं।” उन्होंने यह भी कहा, “मालदीव की मछली पकड़ने वाली नावें मछली पकड़ने के लिए श्रीलंकाई समुद्री सीमा में घुसपैठ नहीं करती हैं, जबकि श्रीलंकाई मछली पकड़ने वाली नावें ऐसा करती हैं। हम उन पर जुर्माना लगाकर उन्हें वापस भेज देते हैं, लेकिन हमने इसे कभी मुद्दा नहीं बनाया है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर श्रीलंका में मालदीव के लोगों के लिए हालात नहीं सुधरे तो मालदीव में रहने वाले श्रीलंकाई लोगों के लिए वीजा नियमों को और सख्त किया जाएगा।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।