घेब्रेयिसस ने आगे बताया कि भारत में अधिकारी संपर्क में आए 190 से ज्यादा लोगों पर नजर रख रहे हैं और अभी तक किसी में भी यह बीमारी नहीं फैली है। उन्होंने कहा कि निगरानी और टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य केंद्रों में रोकथाम और नियंत्रण के उपाय किए जा रहे हैं। लोगों को बताया जा रहा है कि वे खुद को कैसे सुरक्षित रखें।
वायरस के फैलने का कम खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक दिन पहले कहा था कि वायरस के फैलने का खतरा कम है और यात्रा या व्यापार पर रोक लगाने की कोई जरूरत नहीं है। संगठन ने यह भी कहा कि अभी तक इंसान से इंसान में संक्रमण बढ़ने के कोई सबूत नहीं हैं।
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के 2 केस
हाल ही में भारत के पश्चिम बंगाल स्थित उत्तर 24 परगना जिले में निपाह वायरस के दो मामले सामने आए थे। दोनों नर्सिंग स्टाफ थे। अधिकारियों ने बताया कि बाद में उनकी हालत में सुधार हुआ और उनकी रिपोर्ट निगेविट आई। पुरुष नर्स को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, महिला नर्स को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाकर निगरानी रखी जा रही है। दोनों मरीजों में दिसम्बर 2025 के आखिर में लक्षण दिखे थे। जनवरी 2026 की शुरुआत में उन्हें भर्ती करना पड़ा था।
निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस इंसानों होने वाले सबसे खतरनाक संक्रमणों में से एक है। इसके संक्रमण के बाद मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत होती है। निपाह वायरस शरीर के इम्यून सिस्टम से छेड़छाड़ करता है, जिससे शरीर अपना बचाव नहीं कर पाता। दूसरे वायरल इंफेक्शन के दौरान जहां इम्यून रिस्पॉन्स रिकवरी लाता है, वहीं निपाह वायरस उल्टा करता है। इम्यून सिस्टम रिस्पॉन्स को गलत दिशा में ले जाता है। यह वायरस चमगादड़ों से इंसानों के करीबी संपर्क या दूषित खाने से फैलता है।













