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  • भारत-यूरोपियन यूनियन की गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी यारी, 27 जनवरी बड़ा दिन

    नई दिल्ली: भारत और 27 देशों के यूरोपियन यूनियन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ( FTA ) को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। 27 जनवरी को भारत-यूरोपियन यूनियन के ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार संधि को लेकर बातचीत के निष्कर्ष की घोषणा होने वाली है। बता दें कि इस साल यूरोपियन यूनियन


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    By Azad Hind Desk जनवरी 20, 2026
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    नई दिल्ली: भारत और 27 देशों के यूरोपियन यूनियन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ( FTA ) को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। 27 जनवरी को भारत-यूरोपियन यूनियन के ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार संधि को लेकर बातचीत के निष्कर्ष की घोषणा होने वाली है। बता दें कि इस साल यूरोपियन यूनियन के ही नेता 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं और अगले दिन ही दोनों पक्षों के बीच एफटीए को लेकर बड़ी घोषणा होने वाली है। इतना ही नहीं, यह संधि सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि इस मौके पर दोनों ही पक्षों के बीच सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में आपसी भागीदारी को लेकर भी चर्चा होने वाली है।

    यूरोपियन यूनियन मिलिट्री परेड का हिस्सा

    ET की एक रिपोर्ट के अनुसार इस बार भारत और यूरोपियन यूनियन व्यापार, रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में तो हाथ मिला ही रहे हैं, यूरोपियन यूनियन के देशों का एक मिलिट्री दस्ता गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर परेड में भी हिस्सा लेने वाला है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि यूरोपियन यूनियन का सैन्य दस्ता इस तरह से भारत के गणतंत्र दिवस के प्रमुख परेड में शामिल हो रहा हो। यह तेजी से बदलते जियोपॉलिटिक्स के लिए वैश्विक स्तर पर मील का पत्थर साबित होने वाला है।

    यूरोपियन यूनियन की लीडरशिप मुख्य अतिथि

    बता दें कि इस बार भारत ने गणतंत्र दिवस के मौके पर यूरोपियन यूनियन की लीडरशिप को ही मुख्य अतिथि को तौर पर आमतंत्रित किया है। यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस वजह से 25 से 27 जनवरी तक के लिए भारत के राजकीय दौरे पर रहने वाले हैं।

    आने वाले कुछ महीने में व्यापार संधि पर दस्तखत

    भारत-यूरोपियन यूनियन शिखर सम्मेलन में अभी तक की बातचीत के निष्कर्षों का एलान होना है और संभावना है कि मुक्त व्यापार संधि (FTA) पर आने वाले कुछ महीनों में हस्ताक्षर भी हो जाएंगे। दरअसल, बातचीत संपन्न होने के बाद कुछ कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होनी हैं, जिनमें से यूरोपियन यूनियन पार्लियामेंट से इसे पारित कराना भी शामिल है। शिखर सम्मेलन के बाद भारत-यूरोपियन बिजनेस फोरम का भी आयोजन किया जाना है। बता दें कि पिछले हफ्ते ही वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार संधि को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बता चुके हैं।

    अमेरिका और चीन के मंसूबे को लगेगा झटका!

    जब गणतंत्र दिवस के दौरान यूरोपियन यूनियन (EU) के तमाम नेता भारत में मौजूद रहेंगे, उसी दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा और सुरक्षा संधि को लेकर बातचीत की भी तैयारी है। इसके तहत दोनों के बीच सुरक्षा सूचनाओं का आपस में आदान-प्रदान करने पर खास तौर पर फोकस है। यह बातचीत 2026 में ही पूरी कर ली जाएगी। बड़ी बात यह है कि यूरोपियन यूनियन भारत के साथ जिस तरह की चर्चा में लगा हुआ है, उसी तरह के समझौते के लिए उसकी जापान के साथ भी बातचीत चल रही है। इस तरह से भारत-यूरोपियन यूनियन और जापान के बीच आपसी व्यापार, रक्षा और सुरक्षा से जुड़ा तालमेल हो गया तो इससे एक तरफ अमेरिका और दूसरी तरफ चीन के विस्तारवादी और एकाधिकार वाली प्रवृत्ति को बहुत बड़ा झटका लगेगा।

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