विदेश मंत्री ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए बताया, आज भारत-यूरोपीय यूनियन संबंधों पर 2026 की पहली परामर्श समिति की बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी की मजबूत गति और व्यापार, टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और गतिशीलता सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसके पारस्परिक लाभकारी पहलुओं पर चर्चा की गई।
जयशंकर ने सांसदों का व्यक्त किया आभार
एस जयशंकर ने बैठक में सक्रिय भागीदारी के लिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त किया। साथ ही इस मीटिंग की फोटोज भी सोशल मीडिया पर शेयर की।
भारत-ईयू के बीच एफटीए
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हाल में ही मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए), जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ हुआ है। यह व्यापार समझौता हाल ही में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किया गया। इस समझौते से लगभग 2 अरब उपभोक्ता और दुनिया की कुल जीडीपी के करीब एक-चौथाई हिस्से को एक साथ लाने का वादा किया गया है।
यूरोपीय संघ और भारत ने मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत पहली बार 2007 में शुरू की थी, लेकिन कुछ मुद्दों के कारण 2013 में बातचीत स्थगित कर दी गई थी। जून 2022 में फिर से बातचीत शुरू की गई।
136 अरब डॉलर का भारत का ईयू से व्यापार
यूरोपीय संघ एक समूह के रूप में, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूरोपीय संघ के साथ भारत का कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर का था। इसमें निर्यात करीब 76 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60 अरब अमेरिकी डॉलर का था। भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार रहे हैं।














