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  • भारत से डील, अमेरिका में निवेश! डोनाल्ड ट्रंप के देश में जमकर पैसा लगा रहे हैं यूरोपीय देश

    नई दिल्ली: भारत और 27 देशों के ब्लॉक यूरोपियन यूनियन के बीच आज ट्रेड डील हो गई। इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है। यूरोपीय यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है लेकिन ईयू के लिए अमेरिका उसका सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। हाल के दिनों में विदेशों निवेशकों ने भारतीय बाजार


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    By Azad Hind Desk जनवरी 27, 2026
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    नई दिल्ली: भारत और 27 देशों के ब्लॉक यूरोपियन यूनियन के बीच आज ट्रेड डील हो गई। इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है। यूरोपीय यूनियन भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है लेकिन ईयू के लिए अमेरिका उसका सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। हाल के दिनों में विदेशों निवेशकों ने भारतीय बाजार में जमकर बिकवाली की है और अमेरिका के बाजार में पैसा लगाया है। अमेरिका का इक्विटी बाजार में यूरोपियन इनवेस्टमेंट ऑल टाइम हाई पर पहुंच चुका है।

    अमेरिका के शेयरों में यूरोपीय निवेशकों के निवेश की वैल्यू रेकॉर्ड 10.4 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुकी है। पिछले तीन साल में उनकी ऑनरशिप 4.9 ट्रिलियन डॉलर यानी 91 फीसदी बढ़ी है। यूएस इक्विटी में डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूके के निवेशकों की होल्डिंग्स 5.7 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 55 फीसदी है। अमेरिका के शेयरों में बाकी दुनिया की होल्डिंग्स 10.9 ट्रिलियन डॉलर है। यानी यूएस इक्विटीज में कुल फॉरेन होल्डिंग्स में यूरोप की हिस्सेदारी 49 फीसदी है।

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    यूरोप-अमेरिका में अनबन

    ग्रीनलैंड को मुद्दे पर अमेरिका और यूरोप में ठनी हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर दावा किया है जिस पर अभी डेनमार्क का नियंत्रण है। ट्रंप के इस दावे से नाटो में भी मतभेद दिख रहे हैं। नाटो चीफ का कहना है कि अमेरिका के बिना यूरोप अपनी रक्षा करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप को एकदूसरे की जरूरत है। इस तनाव के बावजूद अमेरिका के शेयरों में यूरोप का एक्सपोजर ऑल-टाइम हाई पर है।

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