बांग्लादेश के हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल की रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में 522 सांप्रदायिक हमले दर्ज किए गए, जिसमें जून 2025 और जनवरी 2026 के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के 116 लोगों की हत्या शामिल है। टारगेटेड हमलों और हिंसा की घटनाओं ने बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, में डर का माहौल है। तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद इसी डर को दूर करने की कोशिश की है।
सभी धर्मों के लोगों को सुरक्षा
प्रधानमंत्री बनने के बाद टेलीविजन पर दिए गए देश के नाम पहले संबोधन में तारिक रहमान ने बांग्लादेश में सभी धर्मों के लोगों के लिए सुरक्षित जगह बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में कि हर नागरिक के अधिकार बराबर हैं, चाहे वह मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध या ईसाई कुछ भी हो। रहमान ने कहा, चाहे कोई मुस्लिम हो, हिंदू हो, बौद्ध हो या ईसाई हो। धर्म से उसकी नागरिकता पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा, देश को चलाने में पार्टी या राजनीतिक असर या जबरदस्ती नहीं, बल्कू कानून का राज ही आखिरी फैसला होगा।
रहमान ने दिया 180 दिन का प्लान
रहमान के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भी ऐसा ही भरोसा दिया और कहा कि मॉब कल्चर को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री मिर्जा फखरुल इस्लाम ने भी मॉब वायलेंस को खत्म करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। बांग्लादेश के अस्थिरता भरे माहौल में सत्ता की बागडोर संभालने वाले रहमान ने देश को स्थिर करने के लिए 180 दिन का प्लान लागू किया है।
रहमान के प्लान की खास बातें इस तरह हैं-
- सार्वजनिक सुरक्षा की स्थिति को ठीक करने के लिए कानून और व्यवस्था में सुधार
- जरूरी चीजों की कीमतों को नियंत्रण में लाना और गलत काम में लगे सिंडिकेट को खत्म करना
- बिना रुकावट एनर्जी सप्लाई को पक्का करना
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाना
रहमान की क्रिकेट डिप्लोमेसी
रहमान प्रशासन अपना ध्यान भारत के साथ रिश्तों को ठीक करने पर प्रमुखता से करने वाला है। नई सरकार बनने के बाद इसके संकेत मिलने लगे हैं। रहमान की कैबिनेट में खेल मंत्री अमीनुल हक ने शपथ लेने के तुरंत बाद भारत के डेप्युटी हाई कमिश्नर से मुलाकात की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में ईमानदार और अच्छे रिश्ते बनाने की इच्छा जताई।
भारत ने भी बढ़ाया हाथ
मोहम्मद यूनुस के अंतरिम शासन के दौरान दोनों देशों के ठंडे पड़े रिश्ते में एक बार फिर गर्माहट देखी जा रही है। रहमान के पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत आने का न्योता दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने रहमान को उनकी पत्नी और बेटी के साथ भारत आने का निमंत्रण दिया है। बधाई भरे पत्र में पीएम मोदी ने दोनों देशों को करीबी पड़ोसी बताया, जिसकी दोस्त एक जैसे इतिहास पर आधारित है।














