• International
  • भारत से बड़ी हथियार डील कर सकता है UAE, पाकिस्तानी कबाड़ JF-17 जेट को मारी लात, ब्रह्मोस सौदा कहां फंसा?

    नई दिल्ली/अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (UAE), भारत से रक्षा समझौते के तहत करोड़ों डॉलर के डिफेंस डील कर सकता है। खासकर UAE भारत के साथ ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की डील कर सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपना जलवा दिखाया था। पाकिस्तान के 11 एयरबेस को ब्रह्मोस ने कैसे


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 20, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली/अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (UAE), भारत से रक्षा समझौते के तहत करोड़ों डॉलर के डिफेंस डील कर सकता है। खासकर UAE भारत के साथ ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की डील कर सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपना जलवा दिखाया था। पाकिस्तान के 11 एयरबेस को ब्रह्मोस ने कैसे तबाह किया था, पूरी दुनिया ने उसे देखा है। इसीलिए भारतीय ब्रह्मोस की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। फिलीपींस पहले ही ब्रह्मोस खरीद चुका है और उसने और ब्रह्मोस के लिए ऑर्डर दे रखे हैं। इस बीच UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) ने जब सोमवार को भारत का दौरा किया, तो एक अहम रक्षा समझौता किया गया है। इसके तहत भारत और UAE मिलकर हथियारों का निर्माण करेंगे।

    पाकिस्तान J-17 लड़ाकू विमान की बिक्री को लेकर लगातार झूठ बोल रहा है। उसने इस महीने की शुरूआत में इंडोनेशिया और सऊदी अरब के साथ साथ कई देशों को J-17 लड़ाकू विमान बेचने का दावा किया था। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान के ये दावे पूरी तरह से झूठे हैं। लेकिन भारत के घातक ब्रह्मोस को कई देश खरीदना चाहते हैं। नवभारत टाइम्स को जानकारी मिली है कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच एक रक्षा सहयोग समझौता अपने आखिरी चरण में पहुंच रहा है। वहीं दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल सौदे को लेकर बात चल रही है। हालांकि कुछ अड़चनें हैं, जिन्हें दूर करने की कोशिशें की जा रही हैं।

    भारत और UAE के बीच ब्रह्नोस पर कहां फंसी है बात?
    संयुक्त अरब अमीरात भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदना चाहता है। लेकिन नवभारत टाइम्स को पता चला है कि MTCR (290 किलोमीटर रेंज लिमिट) का अड़चन आ रहा है, जिसे दूर करने के उपाय खोजे जा रहे हैं। इसके अलावा रूस से भी मंजूरी लेने की जरूरत है और उसपर क्या डेवलपमेंट हैं, फिलहाल इसकी जानकारी हमें नहीं मिल पाई है। लेकिन UAE के राष्ट्रपति के नई दिल्ली दौरे के दौरान भारत की उभरती डिफेंस इंडस्ट्री और पावर डायनामिक्स में उनकी दिलचस्पी साफ तौर पर देखी गई है। ब्रह्मोस कोई साधारण हथियार नहीं है और भारत के MTCR में शामिल होने के बाद इसकी रेंज को बढ़ाकर 450 किलोमीटर से ज्यादा किया जा चुका है। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात, मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम यानि MTCR का सदस्य नहीं है। नवभारत टाइम्स को ये भी पता चला है कि भारत और यूएई के बीच ‘सरकार से सरकार’ स्तर पर ब्रह्मोस समझौते को लेकर बात चल रही है।

    पाकिस्तान, यूएई को भी J-17 फाइटर जेट बेचने की योजना बना रहा था, लेकिन यूएई ने उसे लात मार दी है। UAE भारत से खतरनाक ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की योजना बना रहा है। कुछ दिन पहले, UAE के राष्ट्रपति पाकिस्तान गए थे। वह सिर्फ दो घंटे के लिए नूर खान एयरबेस पर आए थे और डिप्लोमेसी या भविष्य की डील पर बातचीत करने के बजाय, पाकिस्तान में उनका ज्यादातर समय दुर्लभ पक्षियों का शिकार करने और पाकिस्तानी सेना के फौजी फाउंडेशन को एक अरब डॉलर का दान करने में बीता था।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।