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  • भारत से बांग्लादेश को कितना बचा पाएगा पाकिस्तान, ढाका-इस्लामाबाद संबंधों की हकीकत जानें

    ढाका: नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश को पाकिस्तान के करीब ले जा रहे हैं। उन्होंने अपने लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान से संबंधों को अपने उच्चतम स्तर तक पहुंचाया है। ऐसा नहीं है कि बांग्लादेश को पाकिस्तान से दोस्ती में कोई बड़ा फायदा है या पाकिस्तान, अमेरिका है, जो बांग्लादेश की


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    By Azad Hind Desk फरवरी 5, 2026
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    ढाका: नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश को पाकिस्तान के करीब ले जा रहे हैं। उन्होंने अपने लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान से संबंधों को अपने उच्चतम स्तर तक पहुंचाया है। ऐसा नहीं है कि बांग्लादेश को पाकिस्तान से दोस्ती में कोई बड़ा फायदा है या पाकिस्तान, अमेरिका है, जो बांग्लादेश की आर्थिक, सामरिक जरूरतों को पूरा कर देगा। बल्कि, बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंध सिर्फ भारत विरोध के कारण मजबूत हुए हैं। यूनुस भारत को अपना दुश्मन मानते हैं, खासकर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को शरण देने के बाद। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान भविष्य में बांग्लादेश को भारत के आक्रोश से बचा सकता है।

    पाकिस्तान से रक्षा समझौता करेगा बांग्लादेश?

    मिडिल ईस्ट आई से बात करते हुए भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अगर पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच कोई औपचारिक रक्षा समझौता होता है, तो इसके क्षेत्र के लिए गंभीर नतीजे होंगे। हालांकि, उन्होंने इस बात पर शक जताया कि ऐसा कोई समझौता जल्द ही फाइनल हो पाएगा। उन्होंने कहा, “चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसे में अंतरिम सरकार के ऐसा कदम उठाने की संभावना कम है।” उन्होंने यह भी कहा, “मुझे यह भी नहीं लगता कि बांग्लादेश की सभी राजनीतिक पार्टियां इस तरह की आपसी रक्षा संधि का समर्थन करेंगी, जिसे भारत के खिलाफ माना जाएगा।”

    भारत को जानबूझकर भड़का रहा बांग्लादेश

    अक्तूबर 2025 में पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े सैन्य अधिकारी, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने बांग्लादेश का दौरा किया था। उन्होंने ढाका में मोहम्मद यूनुस से भी मुलाकात की थी। इस दौरान मोहम्मद यूनुस ने उन्हें एक नक्शा दिखाया था, जिसे बांग्लादेशियों ने “ग्रेटर बांग्लादेश” बताया था। नक्शे में भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश की सीमाओं के अंदर दिखाया गया था। भारत ने इसकी तीखी प्रतिक्रिया दी थी और उसे भड़काऊ करार दिया था।

    बांग्लादेश की मदद क्यों नहीं कर पाएगा पाकिस्तान

    भौगोलिक स्थिति के कारण पाकिस्तान चाहकर भी बांग्लादेश की मदद नहीं कर सकता, जैसा भारत कर सकता है। यह ठीक वैसा ही है, जैसा भारत के लिए अफगानिस्तान की मदद करना है। कुछ हद तक भारत ईरान के रास्ते अफगानिस्तान से संपर्क स्थापित कर सकता है, लेकिन पाकिस्तान के लिए ऐसी कोई संभावना नहीं है। पाकिस्तान न तो सैन्य रूप से इतना शक्तिशाली है, जो भारत को चैलेंज करते हुए बंगाल की खाड़ी के रास्ते बांग्लादेश से संपर्क स्थापित कर ले। पाकिस्तान आर्थिक रूप से भी इतना अमीर नहीं है कि वह पैसों के दम पर बांग्लादेश की मदद कर सके।

    भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की उम्मीद

    विशेषज्ञों का भी मानना है कि मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश की सत्ता से हटते ही भारत के साथ संबंधों में सुधार हो सकता है। इसका प्रमुख कारण यह है कि बांग्लादेश तीन तरफ से भारत से घिरा है। उसकी जमीनी सीमा भारत के अलावा सिर्फ म्यांमार से लगती है, जो खुद गृहयुद्ध से जूझ रहा है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में भारत सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है। बांग्लादेश के राजनीतिक दल भी जानते हैं कि उन्हें लंबे समय तक सत्ता में बने रहने के लिए भारत की मदद की दरकार होगी। ऐसे में नागरिक सरकार जरूर भारत-बांग्लादेश संबंधों को सुधारने पर काम करना चाहेगी।

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