तौहीद हुसैन ने बीबीसी से बातचीत में कई मुद्दों पर बातचीत की है। इसमें खासतौर से भारत से रिश्ते पर उन्होंने अपनी राय रखी है। बीबीसी को दिए इंटरव्यू में हुसैन ने कहा कि हाल ही में भारत ने अपने राजनयिकों के परिवारों को ढाका से वापस बुलाया है। उन्होंने कहा कि इसका कोई सबूत नहीं है कि हम भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाए। ऐसे में दिल्ली का ये फैसला हमें अच्छा महसूस नहीं कराता है।
भारत हमारे मामलों पर बयान ना दे
बांग्लादेश में हालिया हफ्तों में हिंदुओं पर हमलों को लेकर भारत से आई तीखी प्रतिक्रिया पर हुसैन ने नाखुशी जताई है। हुसैन ने कहा, ‘हम भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कार्रवाइयों पर बयान नहीं देते हैं। उम्मीद करता हूं भारतीय अधिकारी भी यह नीति अपनाएं। हमारे नागरिकों के खिलाफ ज्यादती होगी तो हमारे पास उससे निपटने के लिए तंत्र हैं। भारत अपने अल्पसंख्यकों का ध्यान रखे तो ज्यादा अच्छा है। हम अपना काम खुद कर लेंगे।’
भारत और बांग्लादेश के रिश्ते खराब दौर में होने पर तौहीद हुसैन ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि रिश्ते अपने सबसे निचले स्तर पर हैं या नहीं। मुझे लगता है कि बांग्लादेश और भारत के रिश्ते दोनों देशों के लिए अहम हैं और दोनों को इसके लिए कदम उठाने चाहिए।’ हसीना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हमारी उम्मीद थी कि जब तक वे वहां हैं, वे ऐसे बयान देने से बचेंगी जो बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति से मेल नहीं खाते लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
पाकिस्तान-बांग्लादेश का रिश्ता
बांग्लादेश के पाकिस्तान के बढ़ते संबंधों को भी भारत से उसके रिश्ते में खटास की तरह देखा गया है। इस्लामाबाद-ढाका के संबंधों पर तौहीद हुसैन कहते हैं, ‘हमारी तरफ से भारत के साथ रिश्तों को नीचे ले जाने वाला कोई कदम नहीं उठाया गया। आप दिल्ली में मेरे समकक्षों से पूछ सकते हैं कि क्या हमारी ओर से कोई सख्त कदम उनके लिए उठाया गया। हमने ऐसा क्या किया, जिससे भारत से रिश्ते बिगड़ें।’
हुसैन ने आगे कहा, ‘पाकिस्तान से रिश्ते को पिछले शासनकाल (शेख हसीना के समय) में जानबूझकर बिगाड़ा गया था। हमारे पाकिस्तान के साथ कुछ मुद्दे हैं, उन पर बात हो रही है लेकिन इसके साथ-साथ हमने उनसे सामान्य रिश्ता बनाने की कोशिश भी की है। किसी देश से बेहतर रिश्ते चाहने में गलत क्या है। हम एक पड़ोसी देश के नाते उनसे सामान्य रिश्ता चाहते हैं। वैसे ही जैसे बाकी देशों से हम अच्छे रिश्ते चाहते हैं।














