रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत और फ्रांस के बीच जो समझौता होगा, उसमें 90 नये राफेल F4 लड़ाकू विमान छोटी और मध्यम अवधि में भारत को डिलीवरी दी जाएगी। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के पास मौजूद 36 राफेल लड़ाकू विमानों को F4 वैरिएंट में अपग्रेड किया जाएगा। ये अपग्रेडेशन उसी तरह का होगा, जैसा फ्रांसीसी वायुसेना और फ्रांस की नौसेना के मौजूदा वैरिएंट को F4 वैरिएंट में अपग्रेड किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये कॉन्ट्रैक्ट का पहला चरण होगा। जबकि दूसरे चरण में मध्यम और लबी अवधि के लिए कॉन्ट्रैक्ट होगा, जिसमें 24 राफेल F5 का एक बैच शामिल होगा, जिनमें सभी का उत्पादन फ्रांस में ही डसॉल्ट एविएशन कंपनी करेगी। यानि F5 का निर्माण भारत में नहीं, बल्कि फ्रांस में ही होगा।
राफेल F5 को लेकर अड़चन बाकी
फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और फ्रांस के बीच F5 राफेल को लेकर पेंच फंसी हुई है। भारत अपने नए डिलीवर किए गए राफेल F4 को स्वतंत्र रूप से F5 स्टैंडर्ड में अपग्रेड कर सकता है या नहीं, इसको लेकर अड़चनें बाकी है। अभी यह पता नहीं है कि क्या पुराने राफेल F3, जिन्हें F4 स्टैंडर्ड में अपग्रेड किया जाएगा, क्या उन्हें भी F5 में बदला जा सकता है? इसको लेकर अभी पूरी तरह से मामला साफ नहीं हो पाया है। फरवरी महीने में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत का दौरा करेंगे, जहां वो AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। ये शिखर सम्मेलन 16 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा और इसी दौरान भारत और फ्रांस के बीच राफेल फाइटर जेट को लेकर समझौते पर साइन होने की उम्मीद है।
समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील होने वाली है। यानि करीब 36 अरब डॉलर से ज्यादा की ये डील होगी। हालांकि फ्रांसीसी मीडिया ने कहा है कि फिलहाल ये डील कितने अरब डॉलर की होगी, इसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर नहीं दी गई है, लेकिन उसका कहना है कि ये डील इतनी विशालकाय होगी कि फ्रांस की जीडीपी कुछ प्रतिशत बढ़ जाएगी। फ्रांसीसी मीडिया ने कहा है कि भारतीय वायुसेना ने राफेल फाइटर जेट का पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त इस्तेमाल किया है और वायुसेना अधिकारियों का विश्वास राफेल में काफी बढ़ गया है। इसीलिए ये डील ऐसे लोगों को चुप करा देगा, जो पिछले कुछ महीनों से राफेल की बुराई कर रहे थे।













