एआरवाय न्यूज के मुताबिक, गौहर एजाज ने पाकिस्तान के उद्योग के लिए ईयू और भारत के बीच ट्रेड डील के संभावित नतीजों को लेकर अपनी सरकार को चेताया है। उन्होंने कहा, ‘यह डील पाकिस्तान के औद्योगिक क्षेत्र, खासतौर 9 अरब डॉलर के टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए यह गंभीर खतरा बनेगी। इससे पाकिस्तान में 10 मिलियन (एक करोड़) से ज्यादा लोगों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। ऐसा होगा क्योंकि नई डील पाकिस्तान के बाजार के सामने जो चुनौतियां पैदा करेगी, उससे निपटना मुश्किल है।’
पाकिस्तान सरकार को कदम उठाने होंगे: एजाज
एजाज ने कहा कि ईयू-भारत ट्रेड एग्रीमेंट देश के एक्सपोर्ट और रोजगार के एक बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकता है। एजाज का कहना है कि EU की ओर से पाकिस्तान को पहले से मिले विशेष व्यापार लाभ अब खत्म हो गए है। इससे पाकिस्तान को मिलने वाला विशेष जीरो-टैरिफ का फायदा खत्म हो जाएगा।
गौहर एजाज ने शहबाज शरीफ सरकार से घरेलू टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बचाने के लिए क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली और गैस की सप्लाई की मांग की है। उन्होंने टैक्स और कुल बिजनेस लागत को पड़ोसी देशों के बराबर लाने की जरूरत पर भी जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तानी इंडस्ट्री मौजूदा सिस्टम में नहीं टल पाएगी।
भारत-ईयू की महा डील
भारत और यूरोपीय यूनियन के बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर 27 जनवरी को नई दिल्ली में दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए हैं। करीब 20 साल की बातचीत और कई उतार-चढ़ाव के बाद यह समझौता फाइनल हुआ है। इससे करीब 200 करोड़ लोगों के लिए एक एकीकृत बाजार बनेगा। यानी इससे दुनिया की एक बड़ी आबादी को प्रभावित होगी।
भारत और यूरोपीय यूनियन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के बाद कई देशों में चिंता देखी जा रही है। अमेरिका की ओर से इस पर नाखुशी जताई गई है। तुर्की के बिजनेस एक्सपर्ट अपनी चिंता जता चुके हैं तो पाकिस्तान से भी डर जाहिर किया गया है। दूसरी ओर भारत और यूरोप में इस डील को एक बड़े फायदे के सौदे की तरह देखा जा रहा है।













