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  • मकर संक्रांति से बन रहा यह प्रतिकूल योग, भारत से ईरान तक इस बात की आशंका

    सूर्य के राशि परिवर्तन के समय बनने वाली कुंडली को सूर्य संक्रांति कुंडली कहते हैं जिससे सूर्य के एक राशि में यानी 30 दिन रहने की समय अवधि के दौरान होने वाली घटनाओं का मेदिनी ज्योतिष के नियमों के अनुसार फल कथन किया जाता है। सूर्य जब चर संज्ञक राशियों मेष, कर्क, तुला या मकर


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    By Azad Hind Desk जनवरी 14, 2026
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    सूर्य के राशि परिवर्तन के समय बनने वाली कुंडली को सूर्य संक्रांति कुंडली कहते हैं जिससे सूर्य के एक राशि में यानी 30 दिन रहने की समय अवधि के दौरान होने वाली घटनाओं का मेदिनी ज्योतिष के नियमों के अनुसार फल कथन किया जाता है। सूर्य जब चर संज्ञक राशियों मेष, कर्क, तुला या मकर में आते हैं तो इस समय की संक्रांति कुंडली का मौसम और फसलों के बारे में भविष्य कथन का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष सूर्य मकर राशि में भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बज कर 8 मिनट पर 14 जनवरी 2026 को बुधवार के दिन प्रवेश कर चुके हैं। सूर्य संक्रांति के समय सूर्य शुभ ग्रह शुक्र से मकर राशि में युति कर रहे होंगे किन्तु अगली राशि में पाप ग्रह राहु और पिछली राशि में पाप ग्रह मंगल के होने से एक अशुभ पाप कर्तरी योग भी बन रहा है जिसके चलते कुछ राज्यों में अगले 30 दिनों में ओलावृष्टि या असामान्य वर्षा से फसलों को हानि हो सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट देगा बड़े निर्णय
    सूर्य की मकर संक्रांति कुंडली में वृषभ लग्न उदय हुआ है। लग्नेश शुक्र सर्वोच्च न्यायालय के स्थान यानी नवम भाव में राजसत्ता के कारक ग्रह सूर्य के साथ होकर अगले 30 दिनों में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा कुछ बड़े निर्णयों के आने का ज्योतिषीय संकेत दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान में कुत्तों को सड़कों से हटाने संबंधी याचिकाएं सुनी जा रही हैं । चूँकि कुत्तों के कारक ग्रह केतु के राशिपति सूर्य नवम भाव में लग्नेश शुक्र से युत हैं इसलिए अगले 30 दिनों में इस मुद्दे पर बड़े दिशानिर्देश केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए जाएंगे। सूर्य संक्रांति कुंडली में सप्तम भाव में बैठे नीच राशि वृश्चिक के चन्द्रमा के कारण विवाह संबंधी या महिलाओं से संबंधित किसी बड़े केस में सुप्रीमकोर्ट का बड़ा निर्णय आ सकता है। सप्तमेश मंगल का दशमेश (राज सत्ता) और नवमेश शनि के साथ परस्पर दृष्टि संबंध और अष्टमेश गुरु से भी दृष्टि संबंध बन जाना किसी बड़े स्कैंडल का भी योग अगले 30 दिनों में निर्मित कर रहा है जो की सुर्ख़ियों में रहेंगे।

    18 जनवरी की अमावस्या को 5 ग्रहों का खतरनाक योग
    18 जनवरी को अमावस्या के दिन पांच ग्रहों सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध और शुक्र का नजदीकी अंशों पर बड़ा महत्वपूर्ण योग मकर राशि में बन रहा है। जिससे उत्तर भारत में असामान्य वर्षा, पहाड़ों पर हिमपात और भूकंपन का योग बन रहा है। अमावस्या समाप्ति के समय सूर्य और चन्द्रमा के सामान अंशों पर युति भारतीय समयानुसार 19 जनवरी रात्रि 1 बजकर 21 मिनट पर होगी। यह अशुभ युति आजाद भारत की वृषभ लग्न की कुंडली के नवम भाव में होकर मिथुन राशि से प्रभावित पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश दोनों के लिए बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण घटना का ज्योतिषीय संकेत दे रहा है।

    ईरान की स्थापना कुंडली (1 अप्रैल 1979 दोपहर 3 बजे तेहरान) में कर्क लग्न से युद्ध के सप्तम भाव मकर में इन पांच ग्रहों की युति इस राष्ट के लिए किसी बड़ी हिंसक गतिविधि का संकेत दे रहा है। ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के विरुद्ध जनआंदोलाओं में तेज़ी आने के साथ-साथ अमेरिका के द्वारा ईरान पर किसी बड़े सैन्य हमले का भी योग बन रहा है।

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