भारत-यूरोपीय संघ एफटीए को व्यापक रूप से ”मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है। दोनों पक्षों ने घोषणा की है कि समझौते के लिए बातचीत पूरी हो चुकी है और इसके इसी साल लागू होने की संभावना है। गोयल ने कहा कि यूरोपीय संघ को होने वाले वस्तु और सेवा निर्यात में भारत पहले से ही ट्रेड सरप्लस की स्थिति में है। अब, समझौते के लागू होने के पहले ही दिन से भारत के 99% निर्यात को यूरोपीय संघ में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे अगले पांच वर्षों में देश का निर्यात दोगुना होने की संभावना है।
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अभी कितना है एक्सपोर्ट?
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का वस्तु निर्यात 76 अरब डॉलर और सेवा निर्यात 46 अरब डॉलर था। उन्होंने घरेलू व्यवसायों से इस अवसर का लाभ उठाने, निवेश बढ़ाने और अपनी क्षमता का विस्तार करने की अपील की। गोयल एक साक्षात्कार में कहा, ”यह मां न तो बहुत सख्त होने वाली है और न ही बहुत उदार। यह मां दयालु और प्रेममयी होगी। यह मां सुनिश्चित करेगी कि उसके सभी बच्चे – चाहे वे यूरोप के 27 राष्ट्र हों या भारत – सभी 28 बच्चे इस मुक्त व्यापार समझौते के फल का आनंद लें।”
उन्होंने आगे कहा कि उपभोक्ता इस एफटीए के सबसे बड़े हितधारक हैं और उनके लिए सामान सस्ता होना चाहिए। अमेरिका के साथ संभावित समझौते को ‘फादर ऑफ ऑल डील्स’ बताते हुए मंत्री ने कहा कि भारत इस समझौते को जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है और इस पर अच्छी बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि 2 ट्रिलियन डॉलर एक्सपोर्ट के लक्ष्य को 2032 तक हासिल किया जा सकता है।














