• National
  • मार्च में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ ओम बिरला को भी जाना पड़ेगा? विपक्ष कर रहा ऐसी तैयारी

    नई दिल्ली: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष लामबंद हो गया है। वह संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए उनके खिलाफ महाभियोग लाने जा रहा है। यह तब हुआ है, जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ भी नो कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस दिया गया है। मार्च में संसद


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 14, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष लामबंद हो गया है। वह संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए उनके खिलाफ महाभियोग लाने जा रहा है। यह तब हुआ है, जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ भी नो कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस दिया गया है। मार्च में संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में अभूतपूर्व स्थिति पैदा होने वाली है, जब दो संवैधानिक पदों के खिलाफ एकसाथ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार बढ़नी तय मानी जा रही है।

    9 मार्च से शुरू हो रहा बजट सत्र का दूसरा चरण

    टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, माना जा रहा है कि इससे 9 मार्च को जब संसद फिर से बैठेगी, तो सत्ता पक्ष और इंडिया ब्लॉक के बीच तनाव बढ़ना तय है। 9 मार्च को संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
    सूत्रों के अनुसार, महाभियोग के नोटिस को संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में लाया जाएगा, जो 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चला।

    टीएमसी ने बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर नहीं किए दस्तखत

    तृणमूल कांग्रेस ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की मांग कर रही है। विपक्ष इसी बात पर अड़ा हुआ है। इंडिया ब्लॉक की बात करें तो टीएमसी ने अभी स्पीकर बिरला को हटाने के लिए नोटिस पर दस्तखत नहीं किए हैं। हालांकि, उसने कहा है कि उसे इस नोटिस से ऐतराज भी नहीं है।

    ममता बनर्जी को खुश करने के लिए ज्ञानेश को हटाना चाहता है विपक्ष

    तृणमूल की मांग पर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों का अचानक आगे आना ममता बनर्जी को खुश करने के लिए है। साथ ही यह विपक्ष की एकता को मजबूत करने के साथ-साथ मार्च में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ बर्खास्तगी नोटिस जारी होने पर अधिकतम समर्थन जुटाने के उद्देश्य से प्रतीत होता है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा-यह जल्द ही होगा। हम इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं।

    अभूतपूर्व स्थिति बन रही मार्च में

    दोनों सदनों में मजबूत बहुमत के साथ मोदी सरकार और भाजपा को विपक्ष की गतिविधियों से शायद ही कोई फर्क पड़ेगा। हालांकि, मार्च में यह एक अभूतपूर्व स्थिति होगी कि दो शीर्ष संवैधानिक पदों के खिलाफ विपक्ष द्वारा एक साथ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए।

    SIR पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद है विपक्ष

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ टीएमसी की मांग को विपक्ष में व्यापक समर्थन मिल रहा है, जहां लगभग हर क्षेत्रीय पार्टी राज्यों में मतदाता सूची के एसआईआर (विशेष मतदाता सूची सत्यापन) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
    विपक्ष ने इसे भाजपा की साजिश करार दिया है, जिसका मकसद विपक्षी मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करके सत्ताधारी पार्टी को फायदा पहुंचाना है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में लंबी बहस हो चुकी है और संसद में भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है।

    ओम बिरला भी नोटिस का निपटारा होने तक नहीं करेंगे काम

    विपक्ष ने अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर सत्ताधारी दल के इशारे पर काम करने और सदन की कार्यवाही में विपक्ष को बोलने का मौका न देने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के बीच तनाव का यह नया दौर तब शुरू हुआ जब अध्यक्ष ने राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की 2020 के चीनी हमले पर लिखी अप्रकाशित पुस्तक से उद्धरण देने से मना कर दिया।
    इस मुद्दे के चलते लोकसभा की कार्यवाही एक सप्ताह से अधिक समय तक बाधित रही। अध्यक्ष ओम बिरला ने बर्खास्तगी नोटिस का निपटारा होने तक सदन में कार्यभार न संभालने का फैसला किया है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।