ईरान ने इजरायल के खिलाफ अमेरिका को चेताया
ईरान ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अमेरिका दौरे पर भी टिप्पणी की है। ऐसा माना जा रहा है कि नेतन्याहू ईरान से कोई भी डील करने से पहले सैन्य उपायों पर विचार करने की अपील के लिए अमेरिका पहुंचे थे। इस पर ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने डिप्लोमेसी पर नुकसान पहुंचाने वाले असर के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका को बाहरी दबावों से आजाद होकर काम करना चाहिए।
अमेरिका-ईरान में बातचीत बेनतीजा
बाकेई ने कहा, “हमारी बातचीत करने वाली पार्टी अमेरिका है। यह अमेरिका पर है कि वह इस इलाके के लिए नुकसानदायक दबावों और नुकसान पहुंचाने वाले असर से अलग होकर काम करने का फैसला करे।” इस बीच अमेरिका और ईरान ने ओमान में फिर से बातचीत शुरू की है। पिछले जून में ईरान के खिलाफ इजरायल की बमबारी के कारण अमेरिका से बातचीत टूट गई थी। इसके बाद अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर हमला किया था।
बारूद के ढेर पर मिडिल ईस्ट
अमेरिका-ईरान में तनाव के कारण पूरा मिडिल ईस्ट बारूद की ढेर पर बैठा हुआ है। अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर के नेतृत्व में कैरियर बैटल ग्रुप तैनात कर दिया है। इस ग्रुप में तीन युद्धपोत और एक पनडुब्बी भी शामिल है। इसके अलावा अमेरिका ने आसपास के देशों में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती बढ़ाई है, जिसमें पेट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम प्रमुख है। अमेरिका ने अपने लड़ाकू विमानों को भी मध्य पूर्व में हाई अलर्ट पर रखा है। वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी हमले के खतरे को देखते हुए चौकसी बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में ईरानी ड्रोन हमले के लिए तैयार बैठे हैं। इसके अलावा, ईरान ने बड़ी संख्या में मिसाइलों को भी हमले के लिए रखा हुआ है।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की धमकी
ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो इसे पूर्ण पैमाने पर युद्ध माना जाएगा और इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि उनका देश मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा। अमेरिका ने मध्य पूर्व में कम से कम 8 देशों में सैन्य अड्डे बनाए हैं, जिसमें कतर से लेकर यूएई और ओमान तक शामिल हैं। ऐसे में अगर ईरान इन देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करता है तो इससे एक बड़ा युद्ध शुरू हो सकता है।













