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  • मिसाइल-ड्रोन की बारिश, हूती-हिजबुल्ला के हमले और साइबर युद्ध, ईरान का अमेरिका के खिलाफ वॉर प्लान तैयार

    तेहरान: ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध के लिए कथित तौर पर एक लंबा-चौड़ा प्लान तैयार किया है। इसमें मिसाइल-ड्रोन की बारिश, प्रॉक्सी हमलों में बढ़ोतरी, साइबर ऑपरेशन और ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावट की योजना शामिल है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य हमले की धमकियों के बीच यह प्लान


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    By Azad Hind Desk फरवरी 6, 2026
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    तेहरान: ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध के लिए कथित तौर पर एक लंबा-चौड़ा प्लान तैयार किया है। इसमें मिसाइल-ड्रोन की बारिश, प्रॉक्सी हमलों में बढ़ोतरी, साइबर ऑपरेशन और ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावट की योजना शामिल है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य हमले की धमकियों के बीच यह प्लान बनाया है। अमेरिका की ओर से लगातार ईरान पर सैन्य हमले की धमकियां दी जा रही हैं। ईरानी सरकार ने किसी भी हमले का पूरी मजबूती से जवाब देने की बात कही है।

    इजरायली वेबसाइट यरूशलम पोस्ट के मुताबिक, आईआरजीसी से जुड़ी तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया है कि ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध के लिए डिटेल प्लान बनाकर पब्लिश किया है। यह युद्ध का प्लान घनी आबादी वाले इलाकों या न्यूक्लियर और मिलिट्री साइट पर अमेरिकी हमलों के बाद एक्टिव होता है। इसके बाद अमेरिकी क्षेत्रीय ठिकानों पर ईरान का तेजी से जवाबी हमला होगा।

    ईरान का प्लान कैसे करेगा काम

    रिपोर्ट दावा करती है कि ईरान का यह डॉक्यूमेंट मजबूत अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर और रिडंडेंट कमांड नेटवर्क की बात करता है। इस ढांचे को शुरुआती हमले से बचने और लगातार जवाबी कार्रवाई करने के लिए डिजाइन किया गया है। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के बड़े हमलों का मकसद पैट्रियट और थाड़ डिफेंस सिस्टम को कमजोर करना है।

    इस प्लान के तहत लेबनान का हिजबुल्लाह गुट, यमन के हूती विद्रोही और ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया की ओर से भी जंग में शिरकत की जाएगी। ये गुट अमेरिकी ठिकानों पर हमले बढ़ाएंगे, जिससे अमेरिका का ध्यान बंटेगा। इस दौरान तेहरान का साइबर कंपोनेंट अमेरिकी तैनाती को बाधित करने के लिए ट्रांसपोर्ट, एनर्जी, फाइनेंस और मिलिट्री कम्युनिकेशन को टारगेट करेगा।

    होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक इस्तेमाल

    ईरान के इस प्लान में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना भी शामिल है। इससे दुनियाभर में तेल और गैस शिपमेंट का पांचवां हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से बाजारों को झटका लगेगा और दुनिया की ओर से अमेरिका पर अपनी सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए दबाव डाला जाएगा। यह प्लान अमेरिका को हराने की बजाय एक लंबी लड़ाई में विरोधी को थकाने की बात कहता है।

    अमेरिका और ईरान में परमाणु वार्ता बहाल होने के साथ-साथ आक्रामक बयानबाजी भी जारी है। दोनों ओर से वार्ता के साथ ही युद्ध की तैयारियां भी की जा रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान के साथ ओमान में हो रही बातचीत से कोई समझौता नहीं होता है तो फिर सैन्य विकल्प पर विचार किया जा सकता है।

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