इस मामले की सुनवाई कर रहा था कोर्ट
कोर्ट ने 3 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस जे.के. महेश्वरी की अगुआई वाली बेंच एक उपभोक्ता द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था। मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) में लंबित था, तभी डॉक्टर की मृत्यु हो गई। बाद में उपभोक्ता की भी मौत हो गई।
सुप्रीम कोर्ट का किया रुख
इसके बाद उपभोक्ता के कानूनी उत्तराधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिस पर अदालत ने NCDRC में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। 13 जनवरी को सुनवाई के दौरान बेंच ने यह सवाल उठाया कि नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत क्या ऐसी शिकायत आगे चल सकती है और क्या डॉक्टर के कानूनी उत्तराधिकारियों के माध्यम से मुआवजा दिया जा सकता है। हालांकि, जस्टिस महेश्वरी ने कहा कि फिलहाल सवाल मुआवजा देने का नहीं, बल्कि यह है कि क्या कानूनी उत्तराधिकारियों को पक्षकार बनाया जा सकता है।













