मुमैत खान एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गई थीं। ब्रेन की 5 नसें फटने के बाद वो 15 दिनों तक कोमा में रहीं। उन्हें दौरे भी पड़ने लगे थे। एक्ट्रेस ने केवल 13 साल की उम्र से काम करना शुरू किया। वो 18 साल की थीं जब ‘देख ले’ गाने से मशहूर हो गईं। इसके बाद उनके पास काम की लाइन लग गई। उन्होंने कई हिंदी, तेलुगू और कन्नड़ फिल्में, कई हिट आइटम नंबर किए। इसके बाद अचानक वो इंडस्ट्री से गायब हो गईं।
पाकिस्तानी पिता और साउथ इंडियन मां की बेटी हैं मुमैत
मुमैत पाकिस्तानी पिता और साउथ इंडियन मां की बेटी हैं। वो मुंबई में ज्यादातर पली-बढ़ीं। जब वो बड़ी हो रही थीं तो उन्होंने परिवार को आर्थिक तंगी से लड़ते हुए देखा। ‘आईड्रीम मीडिया’ से बातचीत में मुमैत ने अपने गुजरे दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे माता-पिता ने हमें पैसे कमाने के लिए नहीं कहा था। जैसे-जैसे हम बड़े होते गए, मुझे और मेरी बहन को ये लगने लगा कि हमारे पास पैसे कम पड़ते जा रहे हैं। बचपन में, मैं स्कूल पैदल जाती थी ताकि 1.50 रुपये बचा सकूं। मैं उसे अपने गुल्लक में डाला करती थी और फिर पापा को दे देती थी। उन्होंने कभी मुझसे पैसे नहीं मांगे लेकिन मुझे उनके लिए ऐसा करना अच्छा लगता था।’
एक दिन जिंदगी ने एक भयानक मोड़ लिया
मुमैत खान का असली नाम मुमताज अब्दुल राशिद खान था और उनकी बहन ने जबीन खान के नाम से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। ‘देख ले’ के बाद, मुमैत ‘हलचल’, ‘लकी: नो टाइम फॉर लव’, ‘राउडी राठौर’ जैसी हिंदी फिल्मों के अलावा तेलुगू ब्लॉकबस्टर ‘छत्रपति’ और ‘पोकिरी’ जैसी फिल्मों में दिखीं। वह उस समय आइटम नंबर के लिए सबसे अधिक डिमांड में रहने वाली कलाकार बन गईं। फिर एक दिन जिंदगी ने एक भयानक मोड़ लिया।
दिमाग की 5 नसें फट गई और 15 दिनों तक कोमा में रहीं
30 साल की उम्र में मुमैत कोमा में चली गईं। उनका घर पर ही एक गंभीर एक्सीडेंट हो गया जिसमें उनके दिमाग की 5 नसें फट गई और 15 दिनों तक कोमा में रहीं। इसके साथ ही उन्हें दौरे पड़ने लगे। उन्हें डॉक्टरों की ओर से सलाह दी गई जो उनके करियर का दम घोंटने वाली थी। उनसे सात साल तक कोई काम नहीं, कोई एक्सरसाइज नहीं करने की सलाह दी गई।
‘मिर्गी के दौरे की दवा ले रही थी, जिससे मेरा वजन बहुत बढ़ गया’
मुमैत खान ने कहा, ‘मैंने इंडस्ट्री नहीं छोड़ी, मेरा एक्सीडेंट हो गया था। मेरे दिमाग की 5 नसें फट गईं। डॉक्टरों ने मुझे कम से कम 7 साल तक काम न करने की सलाह दी थी।’ उन्होंने बताया कि कुछ भी उठाना नामुमकिन था। उन्होंने कहा- मिर्गी के दौरे की दवा ले रही थी, जिससे मेरा वजन बहुत बढ़ गया। उन्होंने कहा, ‘ऊपर वाले ने मुझे मुमैत खान बनाया था और फिर उन्होंने ही इसे रोक दिया। मैंने इसे स्वीकार कर लिया। मैंने उन 7 सालों का इस्तेमाल पढ़ाई करने में किया।’
उन 7 साल के अंतराल ने सब बदल दिया
उन्होंने बताया कि उन 7 साल के अंतराल ने सब बदल दिया। मुमैत ने बताया, ‘मेरी मां ने उस दौरान मेरा आर्थिक रूप से ख्याल रखा। उन्होंने मुझे खुश रखा और मेरी लाइफस्टाइल को बनाए रखा। आज भी, कोई भी बड़ी खरीदारी करने से पहले, मैं उन्हें फोन करती हूं। मैं यूं ही पैसे खर्च नहीं कर सकती।’ इसी दौरान मुमैत को एहसास हुआ कि एक्टिंग के अलावा वो और भी कुछ कर सकती हैं। एक्ट्रेस ने बताया, ‘ उन सात सालों में, मुझे यह सोचने का बहुत समय मिला कि मुझे वास्तव में क्या पसंद है और फिर समझ आया कि ये मेकअप और हेयरस्टाइल है। हर फिल्म, हर गाने में, मैंने कभी एक ही लुक नहीं दोहराया। हर बार, यह अलग होता था।’
बताया- हैदराबाद में क्यों शुरू की एकैडमी
इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में उनके मेकअप और हेयर ट्रेनिंग एकेडमी, ‘वेलाइक एकेडमी’ में खोला। उन्होंने कहा, ‘हैदराबाद में एक कमी है। साउथ इंडियन मेकअप इंडस्ट्री में हमें इस तरह का सम्मान नहीं मिलता। मैं अपनी हेयर, मेकअप और स्टाइलिंग टीम मुंबई से लाती थी इसलिए मैं वही स्तर यहां लाना चाहती थी।’ हालांकि उन्होंने कहा कि एकेडमी की शुरुआत आसान नहीं रही और इसमें समय लगा।













