डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में मेक्सिको के ड्रग कार्टेल को निशाना बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हम अब जमीन पर कार्टेल के खिलाफ लड़ाई शुरू करेंगे। ये कार्टेल मेक्सिको से चला रहे हैं। वेनेजुएला कार्टेल को निशाना बनाने की बात कहते हुए पूर्वी प्रशांत महासागर और कैरिबियन सागर में समुद्री हमलों के बाद ट्रंप ने ये ऐलान किया है। मेक्सिको के अंदर कोई सीधी कार्रवाई क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की दिशा में बड़ा कदम होगी।
मेक्सिको की राष्ट्रपति का सख्त रुख
ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि वह मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम पर अमेरिकी सैनिकों को मेक्सिको में ड्रग कार्टेल के खिलाफ काम करने की अनुमति देने के लिए दबाव डाल रहे हैं। यह एक ऐसा प्रस्ताव है, जिसे उन्होंने पहले अस्वीकार कर दिया था। निकोलस मदुरो को पकड़े जाने के बाद शीनबॉम ने कहा था कि अमेरिका का पूरे गोलार्ध पर प्रभुत्व नहीं है।
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने से पहले महीनों तक वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव बना गया था। अमेरिका सितंबर से कथित ड्रग-ट्रैफिकिंग नौकाओं पर हमले कर रहा था, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे। ट्रंप अब इसी तरह के संकेत मेक्सिको के लिए दे रहे हैं।
‘ट्रंप की इच्छाएं बढ़ती जा रहीं’
डोनाल्ड ट्रंप अपने पड़ोस तक यानी वेनेजुएला और मेक्सिको या कोलंबिया तक रुकते नहीं दिख रहे हैं। वह ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में कूदते हुए कह रहे हैं कि अगर सरकार ने विरोध को दबाया तो हम तेहरान में मिसाइल से हमला कर देंगे। वह ग्रीनलैंड को अमेरिका के कंट्रोल में लाने की बात कह रहे हैं।
ईरान ने ट्रंप की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका की किसी भी कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा। डेनमार्क ने तो ट्रंप को चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनलैंड पर हमला होता है तो उसके सैनिक पहले गोली चलाएंगे और बाद में सवाल पूछेंगे। डेनमार्क ने कहा है कि अगर अमेरिकी हमले हुआ तो नाटो खत्म हो जाएगा।














