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  • मेरे काम में छुट्टी लेने की गुंजाइश नहीं, मेरी पत्नी मुझसे असहमत हो सकती हैंः विदेश मंत्री जयशंकर

    नई दिल्लीः वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर कामकाजी लोगों के बीच बहस जारी है। सभी इस बात की हिमायत करते हैं कि कामकाजी और निजी जीवन में संतुलन बहुत जरूरी है ताकि मेंटल बैलेंस बना रहे। इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि उनका जो काम है उसमें छुट्टी लेने की गुंजाइश नहीं


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    By Azad Hind Desk जनवरी 3, 2026
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    नई दिल्लीः वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर कामकाजी लोगों के बीच बहस जारी है। सभी इस बात की हिमायत करते हैं कि कामकाजी और निजी जीवन में संतुलन बहुत जरूरी है ताकि मेंटल बैलेंस बना रहे। इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि उनका जो काम है उसमें छुट्टी लेने की गुंजाइश नहीं है, और वह पारंपरिक तौर पर सोमवार से शुक्रवार तक काम करने के नियमों का पालन नहीं करते।

    मेरे जीवन में छुट्टी का दिन नहीं है: जयशंकर

    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मद्रास में एक कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने शुक्रवार को बताया, ‘मेरे जीवन में छुट्टी का दिन नहीं है। ऐसा नहीं है कि मैं सोमवार से शुक्रवार तक काम करता हूं और कहता हूं कि शनिवार-रविवार को मैं कुछ नहीं करूंगा क्योंकि दुनिया ऐसा नहीं करती।’

    जिंदगी एक टाइम जोन पर नहीं चलती

    न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि उनकी जिंदगी एक टाइम जोन पर नहीं चलती। उन्होंने कहा, ‘मेरी जिंदगी बहुत उलझी हुई है; यह एक टाइम जोन पर काम नहीं करती, और इसमें कोई ऑफ स्विच या ऑन स्विच नहीं है।’

    जयशंकर बोले-जिंदगी में बैलेंस की कमी नहीं

    हालांकि, विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि उनकी जिंदगी में बैलेंस की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि वह आदतें बनाते हैं और शौक डेवलप करते हैं, जो उन्हें बाकी दुनिया से निपटने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं जो करने की कोशिश करता हूं, वह यह है कि इसके अंदर ऐसी आदतें, प्रैक्टिस और शौक बनाऊं जो आपको एक स्थिर, समझदार और मिलनसार इंसान बनाएं जो बाकी दुनिया से निपट सके।’

    जयशंकर का माननाहै कि एक अच्छी तरह से बनाया गया रोजाना का रूटीन जिसमें पढ़ना, लिखना, सोचना और बात करना शामिल हो, तो डिजिटल डिटॉक्स या ब्रेक की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा, ‘अगर आप अपने रूटीन में फिजिकल एक्टिविटी शामिल करते हैं, खुद को पढ़ने, लिखने, सोचने, बात करने, देखने के लिए कुछ समय देते हैं, तो मैं आपको बता सकता हूं कि आपका रोजाना का रूटीन इतना संतुलित होगा कि आपको अनप्लग यानी छुट्टी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’

    मेरी पत्नी मुझसे असहमत हो सकती हैंः जयशंकर

    हल्के-फुल्के अंदाज में, जयशंकर ने कहा कि जरूरी नहीं कि वर्क-लाइफ बैलेंस पर उनके विचारों से घर पर सभी सहमत हों। उन्होंने कहा, ‘लेकिन मेरी पत्नी यहां बैठी हैं, और वह मुझसे असहमत हो सकती हैं।’ विदेश मंत्री की इस बात पर कार्यक्रम मौजूद लोग हंस पड़े।

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