बरसों पहले, श्रीराम लागू का मेडिकल लाइसेंस एक ऐड की वजह से रद्द कर दिया गया था। दशकों पहले, मराठी और बॉलीवुड एक्टर श्रीराम लागू ने जब एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी जब वे पहले से ही एक डॉक्टर थे। एक विज्ञापन में वो नजर आए और इसके बाद उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। बता दें कि श्रीराम लागू ने बीजे मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की डिग्री पूरी की थी।
मेडिकल प्रैक्टिस जारी रखते हुए एक्टिंग पूरी की
उन्होंने साल 1960 के दशक में पुणे और तंजानिया में ईएनटी सर्जन के रूप में प्रैक्टिक्स की। मेडिकल कॉलेज में अपने पहले ईयर के दौरान ही उनका परिचय थिएटर से हुआ। तब से थिएटर उनका जुनून बन गया और मेडिकल प्रैक्टिस जारी रखते हुए, उन्होंने एक्टिंग को पूरी तरह से अपना लिया।
यह एक नैतिक टकराव था और जल्द ही लाइसेंस रद्द कर दिया
श्रीराम लागू साल 1980 में डाबर च्यवनप्राश के एक ऐड में नजर आए थे। उनके ऐड ने काफी हंगामा खड़ा कर दिया क्योंकि कहा गया कि एक डॉक्टर होने के बावजूद उन्होंने पैसों के लिए विज्ञापन किया। यह एक नैतिक टकराव था और जल्द ही, इंडियन मेडिकल काउंसिल (एमसीआई) ने उनका लाइसेंस रद्द कर दिया और उन्हें मेडिकल प्रैक्टिस करने से मना कर दिया गया।
‘मैं एक समय में ईएनटी सर्जन हुआ करता था’
इस घटना के कई साल बाद तबस्सुम के साथ एक बातचीत में लागू ने इसे लेकर बात की थी। तबस्सुम ने उनसे पूछा कि क्या वे डॉक्टर हैं? इसपर उन्होने स्वीकार करते हुए कहा कहा था, ‘मैं इस वक्त किसी भी तरह का डॉक्टर नहीं हूं। मैं एक समय में ईएनटी सर्जन हुआ करता था।’ हालांकि इसे लेकर उन्होंने कोई सफाई नहीं दी।
एक्टिंग की शुरुआत थिएटर से की
इसी बातचीत में उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपने एक्टिंग की शुरुआत थिएटर से की थी। श्रीराम लागू मराठी थिएटर के दिग्गजों में से एक माने जाते थे। थिएटर के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख कर लिया। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने अपना थिएटर करियर जारी रखा।
श्रीराम लागू की पॉप्युलर फिल्में
श्रीराम लागू की पॉप्युलर फिल्मों में ‘गांधी’, ‘विधाता’, ‘लावारिस’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘घरौंदा’, ‘किनारा’ जैसी फिल्में शामिल हैं। साल 2019 में 92 वर्ष की उम्र में पार्किंसंस से जूझते हुए श्रीराम लागू का निधन हो गया।













