गलवान में शहीद जवानों का अपमान
खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने वादे ‘मैं देश को झुकने नहीं दूंगा’ पर तंज कसते हुए कहा कि आज जो हो रहा है वह ठीक इसके उलट है। उन्होंने ‘X’ पर लिखा कि गलवान में शहीद हुए वीर भारतीय सैनिकों के बलिदान का अपमान तभी हो गया था, जब मोदी जी ने चीन को ‘क्लीन चिट’ दे दी थी। अब चीनी कंपनियों के लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछाकर वे यह दिखा रहे हैं कि उनकी ‘लाल आंख’ में असल में कितना गहरा ‘लाल रंग’ छिपा है।
मोदी की चुप्पी अमेरिका के सामने सरेंडर की निशानी
कांग्रेस अध्यक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के रूसी तेल निर्यात पर की गई टिप्पणियों पर पीएम मोदी की चुप्पी को ‘सरेंडर’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप रोजाना भारत के रूसी तेल व्यापार पर कमेंट कर रहे हैं, लेकिन मोदी जी खामोश हैं। वह अपनी नजरें चुरा रहे हैं। यह चुप्पी राष्ट्रीय हितों से समझौता है। मोदी सरकार ने भारत की गुटनिरपेक्ष और स्वतंत्र विदेश नीति को गहरा धक्का पहुंचाया है।’ खरगे ने आरोप लगाया कि विदेश नीति में इस उतार-चढ़ाव की भारी कीमत भारत की जनता को चुकानी पड़ रही है।
भारत-चीन रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश में जुटे
बता दें कि चीनी कंपनियों पर ये पाबंदियां 2020 में गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद लगाई गई थीं। लेकिन अब अमेरिका के दबाव और बदलते हालातों के बीच भारत और चीन अपने रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल पीएम मोदी की चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाकात के बाद से ही दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।














