• International
  • यूक्रेन ने बनाई अमेरिकी टॉमहॉक जैसी मिसाइल, रूसी Su-57 जेट की फैक्ट्री को उड़ाया, पुतिन को बड़ा झटका

    कीव: अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से टॉमहॉक क्रूज मिसाइल हासिल करने में नाकाम रहे यूक्रेन ने इस क्षमता की अपनी मिसाइलें बना ली हैं। यूक्रेन ने फ्लेमिंगो FP-5 नाम से लंबी दूरी की टॉमहॉक जैसी मिसाइल बनाने का दावा किया है। यूक्रेन ने टॉमहॉक जैसी क्षमता वाली इस मिसाइल से रूस के Su-57 फाइटर


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 27, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    कीव: अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से टॉमहॉक क्रूज मिसाइल हासिल करने में नाकाम रहे यूक्रेन ने इस क्षमता की अपनी मिसाइलें बना ली हैं। यूक्रेन ने फ्लेमिंगो FP-5 नाम से लंबी दूरी की टॉमहॉक जैसी मिसाइल बनाने का दावा किया है। यूक्रेन ने टॉमहॉक जैसी क्षमता वाली इस मिसाइल से रूस के Su-57 फाइटर जेट के प्रोडक्शन स्थल पर हमला करने का दावा किया है। यह हमला बीते साल किया गया था। इस हमले से जुड़ी कुछ नई रिपोर्ट दावा करती हैं कि रूस को इससे बड़े स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा है, जो व्लादिमीर पुतिन को सीधा झटका है।

    यूरेशियन टाइम्स के मुताबिक, कीव का कहना है कि इस मिसाइल का पहला इस्तेमाल बीते साल अगस्त में हुआ। यूक्रेन ने क्रीमिया के आर्मियांस्क में रूसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) की चौकी को निशाना बनाते हुए तीन फ्लेमिंगो मिसाइलें दागीं। इसके बाद सितंबर में यूक्रेन ने बेलगोरोड में रूस की स्किफ-एम फैसिलिटी को निशाना बनाया। यह रूस के Su-34, Su-35 और Su-57 जेट के उत्पादन की टूलिंग फैक्ट्री है। इस पर चार फ्लेमिंगो मिसाइलों को लॉन्च किया गया।

    यूक्रेन की नई रिपोर्ट से सनसनी

    यूक्रेन से दागी गई चार में तीन मिसाइलों को रूस ने मार गिराने की बात कही गई थी। इसमें से एक मिसाइल से उसकी जेट प्रोडक्शन फैसिलिटी में कुछ नुकसान हुआ। यूक्रेनी मीडिया की ताजा रिपोर्ट दावा करती हैं कि बीते साल एक नहीं बल्कि चारों मिसाइलें रूसी फैसिलिटी तक पहुंची थीं। उन्होंने फैक्ट्री में काफी ज्यादा नुकसान किया था।

    नई रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों का एनालिसिस करके दावा किया गया है कि सभी चार मिसाइलों ने टारगेट पर निशाना साधा। इससे काफी नुकसान हुआ और रूस के लड़ाकू जेट के प्रोडक्शन के लिए जरूरी फैक्ट्री में अभी भी मरम्मत का काम चल रहा है। कील के ये दावे सही हैं तो उसकी लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल ने अपनी स्ट्राइक क्षमताओं और रूसी एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की क्षमता को साबित कीया है।

    फ्लेमिंगो ने रूस की स्किफ-एम फैक्ट्री हिट की

    सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित यूक्रेनी मीडिया के दावों के अनुसार, फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों ने 23 सितंबर 2025 को बेलगोरोड में स्किफ-एम फैसिलिटी पर 100% सटीकता के साथ हमला किया। यूक्रेनी टेलीग्राम चैनल साइबरबोरोश्नो और एक्सिलेनोवा ने बताया कि चारों मिसाइलों ने उस स्पेशलाइज्ड टूलिंग फैक्ट्री पर हमला किया, जहां Su-34, Su-35 और Su-57 जेट बनते हैं।

    इस हमले के समय रूस ने दावा किया था कि चार में से केवल एक मिसाइल ही फैसिलिटी पर हमला कर पाई थी। सैटेलाइट तस्वीरें एक अलग कहानी बताती हैं। OSINT एनालिस्ट्स ने पाया कि सभी चार फ्लेमिंगो मिसाइलें अपने टारगेट से 80 मीटर के दायरे में गिरीं। इससे पता चलता है कि रूसी अधिकारियों ने उस वक्त हमले के असर को कम करके दिखाने की कोशिश की।

    रूस ने क्या हमले का सच छुपाया

    मिलिटार्नी ने बताया कि जनवरी 2026 की शुरुआत की कम-रिजॉल्यूशन वाली कोपरनिकस सैटेलाइट तस्वीर से पता चलता है कि हमले के तीन महीने से ज्यादा समय बाद भी इस फैसिलिटी की छत की मरम्मत अधूरी थी। यह दिखाता है कि मिसाइल हमलों से फैसिलिटी को काफी नुकसान हुआ था। रूस की ओर से इन नए दावों पर प्रतिक्रिया नहीं आई है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।