ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, उस्मान के बड़े भाई उमर बिन हादी को यूनुस सरकार ने बर्मिंघम में बांग्लादेश असिस्टेंट हाई कमीशन में तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के गजट पर राष्ट्रपति के आदेश पर लोक प्रशासन मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी अबुल हयात मोहम्मद रफीक ने हस्ताक्षर किए हैं।
जारी किया गया नोटिफिकेशन
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अपनी नियुक्ति के कार्यकाल के दौरान उमर को किसी अन्य पेशे, व्यवसाय में शामिल होने या किसी भी सरकारी, अर्ध-सरकारी, या निजी संस्थान या संगठन के साथ कोई भी रोजगार संबंध बनाए रखने की अनुमति नहीं होगी। नियुक्ति से संबंधित अन्य नियम और शर्तें संबंधित कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से तय की जाएंगी।
शरीफ उस्मान हादी पिछले साल जुलाई में शेख हसीना विरोधी आंदोलन के दौरान मशहूर हुए। 32 साल के हादी शेख हसीना विरोधी प्लेटफॉर्म इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। वह फरवरी 2026 में होने वाले बांग्लादेश के आम चुनाव में ढाका-8 निर्चावन क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर रहे थे।
सिंगापुर में हुई हादी की मौत
हादी को 12 दिसम्बर को ढाका के बिजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। हादी की हालत बिगड़ने पर उनको एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया। सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल में उनको लाइफ सपोर्ट पर रखा गया। 18 दिसंबर को डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद हादी की मौत हो गई।
हादी की मौत की खबर आते ही हजारों लोग ढाका की सड़कों पर निकल आए। प्रदर्शनकारियों ने यूनुस सरकार पर हादी की रक्षा में नाकाम रहने का आरोप लगाया और हिंसा शुरू हो गई। इसके बाद अगले कई दिनों तक ढाका समेत बांग्लादेश के बड़े शहरों में हिंसा होती रही। सरकार ने हादी के परिवार को मदद का भरोसा देकर किसी तरह चीजों को शांत किया।













