राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘बांग्लादेश के उच्चायोग, नई दिल्ली में जाकर हमने पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। हमने कंडोलेंस बुक में अपने विचार लिखे। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार और बांग्लादेश के लोगों के साथ हैं।’
23 नवंबर को खालिदा जिया का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें ढाका स्थित एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खालिदा जिया ने 41 साल तक बीएनपी का नेतृत्व किया और 1990 के दशक के तानाशाही- विरोधी आंदोलन के दौरान उन्हें ‘समझौता न करने वाली लीडर’ का खिताब मिला था। जिया पांच बार मेंबर ऑफ पार्लियामेंट रहीं, दो बार प्रधानमंत्री और दो बार विपक्ष की नेता की जिम्मेदारी निभाई थी।
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया गंभीर बीमारियों से लंबे समय तक जूझने के बाद 31 दिसंबर 2025, बुधवार को सुपुर्द-ए-खाक हो गईं। जिया के जनाजे में शामिल होने के लिए भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर वहां पहुंचे हुए थे। विदेश मंत्री ने बांग्लादेश में बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की थी। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पर्सनल लेटर दिया। भारत सरकार और लोगों की ओर से गहरी संवेदनाएं जताई।














