बता दें कि सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। अंतरिम जमानत मिलने के बाद उनके वकील भास्कर उपाध्याय ने शिकायतकर्ता को लेकर कुछ बातें कहीं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता राजपाल यादव के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण इरादा रखते हैं।
‘एक्टर को जेल भेजना चाहता है और मामला असल में पैसे का है ही नहीं’
वकील ने ये आरोप लगाया है कि शिकायतकर्ता एक्टर को जेल भेजना चाहता है और मामला असल में पैसे का है ही नहीं। उन्होंने इसे जटिल और पेचीदा मामला बताते हुए कहा कि जमानत हासिल करना आसान नहीं था। भास्कर ने ईटाइम्स से बात करते हुए राजपाल यादव को एक फैमिली मैन बताया और साफ किया कि वो वकील नहीं हैं।
कहा- एक्टर कानूनी पेचीदगियों को नहीं समझते हैं
उन्होंने अपनी बातें रखते हुए कहा कि एक्टर कानूनी पेचीदगियों को नहीं समझते हैं और उन्होंने अदालत को बताया था कि उन्हें जो भी राशि बकाया है, वह चुका देंगे। वकील ने यह भी बताया कि राजपाल का खुद उस फिल्म में बहुत कुछ दांव पर लग गया था, जो फ्लॉप हो गई, जिस वजह से उन्हें इतनी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
वकील ने कहा- राजपाल ने 40 करोड़ रुपये की संपत्ति के ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स जमा किए
वकील ने यादव के मन में दुर्भावना रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता के लिए यह मामला पैसे का नहीं है। उन्होंने कहा, राजपाल यादव पहले ही अपनी 40 करोड़ रुपये की संपत्ति के ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स जमा कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘शिकायतकर्ता ने कहा कि हमें ये नहीं चाहिए, कृपया उन्हें जेल भेजकर डिक्री को लागू करें’।’ उन्होंने राजपाल के पक्ष में अपनी बातें रखते हुए आगे कहा, ‘ एक्टर ने अपनी संपत्ति के ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स दे दिए थे। उन्होंने अदालत के सामने ये कहते हुए डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे कि मेरी संपत्ति का मूल्य 40 करोड़ रुपये से अधिक है।’
प्रोडक्शन हाउस ने फिल्म में इन्वेस्टट की थी
वहीं उन्होंने राजपाल के बकाया भुगतान के बारे में भी बातें की। उन्होंने बताया कि 2.5 करोड़ रुपये का इंतजाम पहले ही हो चुका है। वकील ने यह भी कहा कि राजपाल पर भारी दबाव था क्योंकि उन्हें 5 करोड़ रुपये चुकाने थे और उन्होंने इस रकम पर कभी कोई आपत्ति नहीं जताई। भास्कर ने आगे क्लियर किया कि 5 करोड़ रुपये की यह रकम प्रोडक्शन हाउस ने फिल्म में इन्वेस्टट की थी, न कि राजपाल ने इसे पर्सनल कर्ज के रूप में लिया था।
कर्ज देने वाले माधव गोपाल ने बताया- उन्होंने कोई निवेश नहीं किया था
यहां ये भी बता दें कि राजपाल यादव पर केस करने वाले मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक माधव गोपाल अग्रवाल ने भी पहली बार अपनी बात दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने ‘न्यूज पिंच’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि राजपाल यादव से उनकी मुलाकात सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया के जरिए हुई थी। हालांकि, वो पैसा देने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन इसके बाद राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव उन्हें मेसेज करने लगीं और वो प्रेशर में आ गए। उन्होंने इसी बातचीत में बता चुके हैं कि उन्होंने फिल्म में कोई इन्वेस्ट नहीं किया था। उन्होंने कहा कि अग्रीमेंट साइन करते वक्त इन्होंने पर्सनल गारंटी भी दी थी। माधव ने अपनी बात साफ-साफ रखते हुए कहा था, ‘ये सब मैं इसलिए बता रहा हूं क्योंकि हमने कई जगहों पर पढ़ा कि राजपाल यादव कह रहे हैं कि हमने उस फिल्म में इन्वेस्ट किया था। जब इन्वेस्ट करते हैं तब पर्सनल गारंटी नहीं दी जाती और न चेक दिए जाते हैं।’
राजपाल के भाई ने कहा- अब हमारे अच्छे दिन
मीडिया से बात करते हुए राजपाल के भाई चंद्रपाल मुस्कुराते हुए और एक्टर हाथ पकड़े हुए दिखे। उन्होंने कहा, ‘हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है… जो भी दिन थे वो हमारे दिन थे, अब हमारे अच्छे दिन आने वाले हैं। अभी बस यही कहेंगे।’ जब उनसे बॉलीवुड सितारों से मिल रहे सपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो चंद्रपाल ने कहा- ये सब भाई साहब ही बताएंगे।
राजपाल ने कहा- बच्चे, बुजुर्ग और नौजवान मेरे कलेजे के टुकड़े
वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए राजपाल यादव ने कहा, ‘किस्सा 2012-13 में शुरू हुआ था। 2026 तक मैं 250 फिल्में कर चुका हूं। भारतीय सिनेमा से जुड़े बच्चे, बुजुर्ग और नौजवान मेरे कलेजे के टुकड़े हैं। सब मेरे साथ रहें। देश की जनता मेरे साथ रही। कोर्ट से जो भी आदेश मिला, मैंने उसका पालन किया और उनके बुलाने पर हाजिर रहा हूं। आगे भी मैं उनके आदेशों का पालन करूंगा।’ राजपाल यादव ने कोर्ट का आभार जताया और कहा कि उन्होंने मेरी बात सुनी। इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी और राजपाल यादव तब तक हिरासत से बाहर रहेंगे। दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 फरवरी को जारी एक आदेश में राजपाल यादव को 4 फरवरी को शाम 4 बजे तक संबंधित जेल सुप्रीन्टेंडेंट के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद राजपाल यादव ने अदालत के निर्देश का पालन करते हुए जेल अधिकारियों के सामने 5 फरवरी को सरेंडर कर दिया था।














