राजपाल यादव को 5 फरवरी को हाई कोर्ट की फटकार के बाद सरेंडर करना पड़ा था। सोमवार को, कर्ज की बकाया राशि में से 2.5 करोड़ रुपये चुकाने के बाद अदालत ने उन्हें 18 मार्च 2026 तक की अंतरिम जमानत दी है। एक्टर ने 19 फरवरी को भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए जमानत की मांग की थी।
राजपाल यादव ने साथ देने के लिए सबका किया शुक्रिया
तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद राजपाल यादव ने ‘इंडिया टीवी’ से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सिनेमा में अपने अब तक सफर में मिले दर्शकों के प्यार के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, ‘आपके सपोर्ट के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। बच्चों से लेकर अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों तक, मुझे इंडियन सिनेमा में अपने पूरे सफर में बहुत प्यार मिला है, और मैं इसके लिए सभी का बहुत शुक्रगुजार हूं।’
राजपाल यादव ने लगाई काम देने की गुहार
राजपाल यादव ने कहा कि उन्हें इंडस्ट्री में अच्छे रोल्स की जरूरत है। एक्टर ने इंडस्ट्री से काम की गुहार लगाते हुए कहा, ‘जिन लोगों ने पहले मेरी मदद की है, मेरा साथ दिया है, मैं उनसे रिक्वेस्ट करता हूं कि वे एक बार फिर उन रोल में मेरी मदद करें जो मैं करना चाहता हूं। इसके लिए पैसा उनकी मजीं से हो सकता है। जो भी फीस वो तय करेंगे, मैं काम करे लिए राज़ी हूं।’
‘उन लोगों का भी शुक्रिया, जिन्होंने मेरी बुराई की’
राजपाल यादव ने सोशल मीडिया और इंडस्ट्री के अंदर से मिले जबरदस्त सपोर्ट के लिए भी सभी का शुक्रिया किया। उन्होंने कहा, ‘मैं हर एक आशीर्वाद की वजह से आगे बढ़ा हूं। मैं उन लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर मेरा साथ दिया, और मैं उन लोगों का भी शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मेरी बुराई की।’ उन्होंने आगे कहा कि वह उन लोगों के भी उतने ही शुक्रगुजार हैं जो ऑनलाइन एक्टिव नहीं हैं, लेकिन उनके लिए शुभकामनाएं देते हैं।
क्या है राजपाल यादव के कर्ज और चेक बाउंस का मामला
जानकारी के लिए बता दें कि राजपाल यादव ने साल 2010 में बतौर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर अपनी डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। यह फिल्म 2012 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई। इसके बाद वह कर्ज के यह पैसे नहीं चुका पाए। इसके लिए 2013 से ही एक लंबी कानूनी लड़ाई चल रही है। कर्जदारों के मुताबिक, राजपाल ने 12% के दर्ज से कर्ज लिया था, जो बढ़कर लगभग 11 करोड़ रुपये हो गई। इस बीच राजपाल यादव के कुल 7 चेक बाउंस हुए।
2018 में सेशंस कोर्ट ने सुनाई थी छह महीने जेल की सजा
साल 2018 में, राजपाल और उनकी पत्नी राधा को चेक बाउंस के मामलों में सेशंस कोर्ट ने दोषी ठहराया और छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने जून 2024 में सेटलमेंट की बातचीत को आसान बनाने के लिए उनकी सजा को सस्पेंड कर दिया था। लेकिन इसी महीने की शुरुआत में राजपाल ने किश्त जमा करने में देरी की। हाई कोर्ट ने सरेंडर की डेडलाइन बढ़ाने से मना कर दिया और उन्हें आखिरकार फटकारते हुए 5 फरवरी को सरेंडर करने के लिए कहा था।













