• Entertainment
  • राजपाल यादव ने 3 महीने जेल के अंदर क्या किया था काम, एक्टर ने खुद सुनाई थी सुप्रीन्टेंडेंट की कहानी

    चेक बाउंस मामले में फंसे राजपाल यादव इस वक्त तिहाड़ की सलाखों के पीछे हैं। जेल जाने से ठीक पहले उन्होंने मायूसी जताी थी और कहा था कि उनके पास पैसे नहीं हैं और दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा। इसके बाद से उन्हें लगातार मदद मिलनी शुरू हुई है और अब सलमान खान और अजय


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 11, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    चेक बाउंस मामले में फंसे राजपाल यादव इस वक्त तिहाड़ की सलाखों के पीछे हैं। जेल जाने से ठीक पहले उन्होंने मायूसी जताी थी और कहा था कि उनके पास पैसे नहीं हैं और दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा। इसके बाद से उन्हें लगातार मदद मिलनी शुरू हुई है और अब सलमान खान और अजय देवगन जैसे दिग्गत भी सामने आ गए हैं। राजपाल यादव के मैनेजर ने कहा है कि एक्टर गुरुवार को रिहा हो सकते हैं। राजपाल इससे पहले भी दो बार जेल की सजा काट चुके हैं। अपने तीन महीने की जेल की सजा के बाद राजपाल ने बताया था कि वहां उन्होंने किस तरह से दिन गुजारा।

    बताया जाता है कि राजपाल ने बैंक से भी करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इसी मामले में कथित तौर पर बैंक को किश्त न दे पाने के कारण उन्हें साल 2018 में तीन महीने के लिए जेल की सजा भी हुई थी। राजपाल ने बताया था कि जेल के अंदर उन्होंने ऐसा क्या काम किया कि जेल सुप्रीन्टेंडेंट उनके फैन हो गए थे।

    राजपाल बोले- अपमान सहकर बैठे रहना ये महा दुष्कर्म

    सिद्धार्थ कन्नन ने अपने पॉडकास्ट पर एक बार उनसे पूछा था कि क्या कभी ऐसा सिचुएशन था जहां आपको अपने पक्ष के लिए बोलना जरूरी था और आपने नहीं बोला? इसपर राजपाल ने कहा, ‘हां था, उसका इंतजार करूंगा। समय आने दीजिए जरूर बोलूंगा। कभी भी अपमान सहकर बैठे रहना ये महा दुष्कर्म है। कई बार सहा लेकिन एक-आध बार थोड़ा ज्यादा हो गया लेकिन मैंने उसको भी हंसते-हंसते स्वीकार कर लिया। ये भी बोलूंगा कि थैंक यू फिल्म इंडस्ट्री जिन्होंने कभी भी हमारे ऊपर शक नहीं किया।

    राजपाल बोले थे- आप अगर अपनी नजरों में झुके नहीं हो तो

    इसी बातचीत में बैंक लोन न चुका पाने की वजह से 3 महीने जेल की सजा पर भी राजपाल ने बातें कीं। उनसे पूछा गया कि जब वो जेल की सजा काटकर बाहर निकले तो क्या लोग आपको जज कर रहे थे? इसपर राजपाल ने कहा, ‘नहीं, अगर हम कन्फ्यूज होते तो लोग हमपर शक करते।’ उन्होंने कहा, ‘अगर आंखों में कुछ चोर रखा है तो लोग पक्का जज करेंगे। और आप अगर अपनी नजरों में झुके नहीं हो तो भगवान जिन्होंने आपको बनाया है उनको छोड़ किसी के आगे झुकने की भी जरूरत नहीं है। क्योंकि आपका जमीर जानता है, आप अगर अपनी नजरों में झुके नहीं हो तो अपने अंदर बैठे परमात्मा का रिस्पेक्ट करना और पूरी दुनिया की नजरों के सामने चुनौती बनकर खड़े हो जाना।’

    राजपाल जब जेल से निकले थे तो क्या मिला उन्हें

    2018 में अपने साथ हुए इस वाकिये पर उन्होंने कहा था, ‘मुझे लगा कि मैं इससे अच्छे लेवल पर बाहर निकलूंगा।’ उस माहौल में बीते उन तीन महीनों पर उन्होंने कहा, ‘तीन महीने के बाद वहां से निकला…तो वहां से एक सर्टिफिकेट मिलता है। सुप्रीन्टेंडेंट साहब थे तो उन्होंने और पूरे स्टाफ ने… उन्होंने दो सर्टिफिकेट दिए। वो बोले कि राजपाल ये जिस स्थान पर आप थे, यहां पिछले 70-100 साल के हिस्ट्री में ऐसा कोई नामचीन नेता या कोई भी आदमी नहीं आया, ये बहुत एतिहासिक जगह है।’

    जेल सुप्रीन्टेंडेंट ने राजपाल से कही थी ये बात

    राजपाल ने जेल सुप्रीन्टेंडेंट की कही बातों को दोहराते हुए कहा, ‘मैं भी रिटायर होनेवाला हूं लेकिन मेरी भी लाइफ में…आपने यहां जैसे टाइम बिताया है, हमें आपसे प्रेरणा मिली…हमें लग रहा था कि सुबह-सुबह आपसे शिकायतें मिलेंगी या जब मिलोगे तो परेशानी बताओगा लेकिन तीन महीने के लिए दीवारें लाइव हो जाएं, दीवारों में जीवन आ जाए। वहां कई ऐसे लड़के थे जो खड़े नहीं हो पाते थे, जिनको पढ़ाई गीत-संगीत से कोई मतलब, उनके ले लेकर परमिशन ली कि इनको लेकर कुछ वर्कशॉप करना चाहता हूं। उनको वर्कशॉप में लाने में उन्हें दूसरे दिन हंसी आने लगीं।’

    राजपाल को तीन डायरेक्टर्स ने शेप दिया

    एक्टर बोले, ‘उन्होंने वहां पर जो कैरक्टर सर्टिफिकेट दिया…. आपके डायलॉग से नहीं, आपके व्यवहार, संस्कार से अगर मुझे दोबारा बच्चा बनने की इच्छा हो गई कि कैसे सुबह दौड़ना है, कैसे बैठना है कैसे जॉगिंग करना है…तो इससे ज्यादा और क्या।’ इसी दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें तीन डायरेक्टर्स ने शेप दिया जिसमें राम गोपाल वर्मा, प्रयदर्शन और डेविड धवन का नाम शामिल है।

    राजपाल बोले- ये फिल्म न बनाई होती तो ये दुनिया नहीं समझ पाते

    राजपाल यादव ने ‘लल्लनटॉप’ को दिए इंटरव्यू में अपने 5 करोड़ रुपये कर्ज के बारे में बातें कीं। उन्होंने कहा, ‘ये पैसे उनसे लिए नहीं गए, उन्होंने इन्वेस्ट किए फाइनैंसर के तौर पर। उनको अपने पोते को हीरो बनाना था। मैं अता पता लापता का डायरेक्टर तो कभी नहीं था, मैं डायरेक्टर नहीं हूं न रहूंगा। मैं एक एक्टर हूं। कभी-कभी जैसे 100 मैच खेलने होते हैं तो 95 मैच खेलते हैं और 5 में कभी आप फुटबॉल खेल लेते हो। हमारे लिए वो क्रिएटिव एक एक्सपेरिमेंट था। लोग कहते हैं कि क्या अता पता लापता बनाई तो हम कहते हैं कि अगर हमने ये फिल्म न बनाई होती और ऊपर चले जाते लेकिन ये दुनिया नहीं समझ पाते। ये फिल्म मेरे लिए प्राउड है, एक लर्निंग है और रही बात मुझपर आरोपों की तो मैं इतना ही कह सकता हूं कि कोर्ट में भी बात मैंने बड़ी विनम्रता के साथ रखी थी कि अगर आप हमें इस बात पर छोड़ भी देते हैं कि मैंने इनसे 5 करोड़ लिए, मैं पब्लिक का आदमी हूं तो इनको बताना पड़ेगा पब्लिक को कि ये पैसा तीन जगह नहीं उड़ाया जा सकता था। या तो ये लोन था, या तो ये इन्वेस्टमेंट था या तो ये फ्रॉड था कि राजपाल ने किया एक व्यापारी के साथ फ्रॉड। मैं 40 साल से पूरी दुनिया में घूम रहा हूं, जिनमें से 30 साल तो मुझे सातों समंदर में घूमते हुए हो गया है। और सातों समंदर में एक उंगल न उठे और मैं पहले दिन से बोल रहा हूं कि मेरे शहर से उंगली क्यों उठी है।’

    राजपाल बोले- हम परमिशन लेकर प्रॉपर वर्कशॉप करते थे

    राजपाल ने जेल में दिनों को याद करते हुए ‘द रणवीर शो’ पर कहा, ‘वहां पर एक वर्कशॉप थी, उसमें जो नए लड़के मिलते थे, जिनसे हमने कभी नहीं पूछा कि तुम कैसे यहां हो लेकिन हम अगर यहां पर हैं तो इस पल को हम बर्बाद कैसे करें तो उसके लिए हमने प्रॉपर थिएटर वर्कशॉप और जो कला-कल्चर में थोड़ा भी इंटरेस्ट रखते थे, तो उनके साथ हम परमिशन लेकर प्रॉपर वर्कशॉप करते थे। उन पलों को क्रिएटिव तरीके से जीने की कोशिश करते थे।’

    ‘वो कह रहे थे- राजपाल, आपसे मिलना हमारा एक संयोग है’

    उन्होंने आगे कहा था, ‘बहुत से लोग जेल में ऐसे मिले और वहां कुछ फंक्शन भी किए जिनमें हमें स्पीच देने का भी मौका मिला। एडमिनिस्ट्रेशन से लेकर बहुत सारे ऐसे लोग थे जो कह रहे थे कि राजपाल- आपसे मिलना हमारा एक संयोग है और कुछ चीजें जो आप ऐसी दे गए हो जो यहां से निकलकर बाद में जीवन हमारा 100 पर्सेंट बदलेगा।’

    राजपाल यादव बोले- हमने वहां हर नियम का अच्छे से पालन किया

    जेल में बिताए अपने पलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘जो हमें काम मिला है यहां रहने के लिए…तो हमारे लिए वो पॉजिटिव ही थी। हमने उसमें कोशिश की कि एक कम्प्लीट जिंदा इंसान बनकर रहूं। और जो मिले हमेशा उनसे पॉजिटिव बात करूं और बहुत खुशी हुई कि जो लोग वहां रहते हैं उन्हें एक सर्टिफिकेट मिलता है कि आपने इस टाइम से इस टाइम तक इस नंबर पर यहां बिताया। ये मेरा स्वभाव है कि हम जहां भी रहें चाहे वो जंगल भी हो वहां मंगल रहे। हमने वहां हर नियम का अच्छे से पालन किया और उनका हमें कैरक्टर सर्टिफिकेट भी मिला कि आपने अनुशासन में अपना बेस्ट देकर प्रशासन को सपोर्ट किया।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।