राजपाल यादव 17 फरवरी को चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत के बाद रिहा हुए थे। विपक्षी पार्टी को 1.5 करोड़ रुपये चुकाने के बाद एक्टर को जेल से रिहा किया गया था। राजपाल ने शाहजहांपुर में भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमामत की याचिका दी थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी। इस बीच राजपाल यादव भतीजी की शादी से फारिग हो चुके हैं। उन्होंने हाल ही ‘यूपी तक’ से इस बारे में बात की।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी के लिए यह बोले राजपाल यादव
राजपाल यादव ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी से मिले सपोर्ट पर बात की। एक्टर के उस वायरल इंटरव्यू पर भी रिएक्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्ट्रगल के दिनों में कई एक्टर्स और लोग राजपाल यादव के घर खाना खाते थे। राजपाल यादव बोले, ‘उन्होंने मेरे घर खाना नहीं खाया। वह उनका घर था, उनका खाना। क्योंकि उन्हीं की वजह से मुझे काम मिला। अलग-अलग राज्यों से 10-15 एक्टर्स थे, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि किसे काम मिला है या किसे नहीं। मायने यह रखता था कि हम सब हर शाम साथ में खाना खाते थे और हंसते थे। उन्होंने इसका श्रेय मुझे दिया, यही उनकी महानता है। लेकिन इसमें मेरा कोई योगदान नहीं था। यह सिर्फ उनका था।’
नवाजुद्दीन बोले थे- राजपाल का घर लंगर जैसा था, कोई भी खाना खा सकता था
मालूम हो कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘जब राजपाल यादव का काम चल रहा था, तो बहुत लोग खाना खाते थे उसके घर पर और कभी उफ्फ तक नहीं किया उस आदमी ने। हमेशा दिया लोगों को जब हम स्ट्रगल कर रहे थे। मैं क्या, बहुत सारे एक्टर्स जब स्ट्रगल कर रहे थे…तो राजपाल का जो घर था, वो एक लंगर की तरह था…कोई भी आकर खाना खा सकता था। ऐसा था। बहुत ही सेंसिटिव आदमी है। ठिठोल करके उड़ा देता है मजाक में, लेकिन वो बहुत ही सेंसिटिव और अमेजिंग आदमी है।’
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने राजपाल यादव की आर्थिक मदद
अब जब राजपाल यादव जेल में बंद थे, तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उनकी गुपचुप तरीके से आर्थिक मदद की थी और साथ खड़े रहे। ‘इंडियाटुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नवाजुद्दीन के करीबी सोर्स ने बताया था कि नवाजुद्दीन ने पहले भी राजपाल यादव की मदद की है और वह हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं। पहले भी नवाजुद्दीन ने राजपाल की मदद के लिए 10 लाख रुपये दिए थे।
सपोर्ट करने वालों के लिए बोले राजपाल यादव
राजपाल यादव ने फिर उन लोगों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इस मुश्किल घड़ी में उनका साथ दिया और सपोर्ट किया। वह बोले, ‘सोशल मीडिया पर जिन लोगों ने सपोर्ट किया, मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं। और जो लोग सोशल मीडिया पर नहीं आए हैं, और कभी नहीं आएंगे, उनकी भी एक लंबी लिस्ट है। जब मैं जेल से बाहर आया, तो मेरी पत्नी ने मुझे बताया कि कितने लोगों ने पर्सनली आगे आकर मदद के लिए संपर्क किया। मैंने अभी तक अपना फोन भी ठीक से नहीं देखा है।’
राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला क्या? 18 मार्च को अगली सुनवाई
मालूम हो कि राजपाल यादव ने जब साल 2010 में फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाई थी, तो उसके लिए मुरली प्रोजेक्ट्स नाम की कंपनी के मालिक माधव गोपाल से 5 करोड़ रुपये लिए थे। वह फिल्म 2012 में रिलीज हुई और फ्लॉप हो गई। राजपाल यादव की खुद की रकम के साथ-साथ कंपनी से लिए 5 करोड़ रुपये भी डूब गए। लेकिन राजपाल यादव आर्थिक तंगी में होने के कारण पैसे नहीं लौटा पाए। वक्त के साथ ब्याज भी ली गई रकम में जुड़ता गया और यह आंकड़ा 9 करोड़ रुपये पर जा पहुंचा। इसके बाद मामला कोर्ट जा पहुंचा। राजपाल यादव आपसी समझौते से पैसे चुकाने को तैयार हुए, पर जो भी चेक उन्होंने दिए थे, वो सब बाउंस हो गए। आखिरकार दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को 4 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया और 5 तारीख को जेल भेज दिया। अब राजपाल यादव की जमानत खत्म हो जाएगी तो उन्हें दोबारा जेल जाना होगा। मामले की सुनवाई 18 मार्च को होगी।














